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उमा हत्याकांड: शादी के दिन जोनी संग चली गई थी उमा, बिलाल के साथ थी लिवइन में, भाई ने किया सिर का अंतिम संस्कार

Mon, 15 Dec 2025 11:04 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर

सार

Saharanpur News: हलालपुर गांव निवासी उमा की हत्या उसके प्रेमी बिलाल ने यमुनानगर में गर्दन काटकर कर दी। वह बिलाल से शादी की जिद कर रही थी। वहीं उमा के भाई टिंकू ने कहा कि उनका रिश्ता 15 साल पहले ही खत्म हो गया था, जब वह पड़ोसी के साथ चली गई थी। 
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उमा और उसका प्रेमी बिलाल। - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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यमुनानगर में गर्दन काटकर मौत के घाट उतारी गई उमा का सिर लेने के लिए सोमवार को उसके मायके पक्ष के लोग हलालपुर से वहां पहुंचे। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए उमा के भाई टिंकू ने स्पष्ट कहा कि 15 साल पहले उमा ने जब भागकर शादी की थी, तभी परिवार से रिश्ते खत्म हो गए थे। अब धड़ का अंतिम संस्कार लावारिस में हो चुका है। उन्होंने इंसानियत के नाते सिर का अंतिम संस्कार किया।
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उमा का बेटा ऋषभ और भाई टिंकू। - फोटो : अमर उजाला
देहात कोतवाली क्षेत्र के हलालपुर गांव निवासी उमा की 6 दिसंबर को यमुनानगर में कलेसर जंगल के पास गर्दन काटकर हत्या कर दी गई थी। हत्या का आरोप उसके प्रेमी टिडोली निवासी बिलाल पर है। उमा शादी के लिए जिद कर रही थी। इसलिए उसकी हत्या की गई थी। यमुनानगर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर रविवार को पूरे मामले का खुलासा किया था। शुक्रवार को लावारिस में उमा का अंतिम संस्कार पुलिस ने करा दिया था, जिसकी गर्दन रविवार शाम को बरामद की गई थी।
 

हलालपुर में उमा के परिजन। - फोटो : अमर उजाला
सोमवार सुबह उमा का भाई टिंकू कुमार अन्य परिजनों के साथ यमुनानगर पहुंचा। इस दौरान मीडिया के साथ बातचीत करते हुए टिंकू ने बताया कि करीब 15 साल पहले शादी वाले दिन उमा पड़ोस में रहने वाले दिव्यांग जोनी के साथ चली गई थी। तब हमारी बहुत बेइज्जती हुई थी। उसी समय उमा से रिश्ता तोड़ दिया था। वो कहां रहती थी, किससे बात करती थी और किसके साथ रहती थी हमें पता नहीं। 
 

अंतिम संस्कार के लिए उमा के कटे सिर को लेकर आए परिजन। - फोटो : अमर उजाला
टिंकू ने बताया कि उसकी हत्या का पता भी तब चला, जब यमुनानगर पुलिस उनके घर पर पहुंची। जिस मुस्लिम युवक ने हत्या की, हम उसे नहीं जानते। उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। यहां तक कि पूर्व पति पर भी कार्रवाई की मांग की। आरोप लगाया कि क्या पता उसने ही मुस्लिम युवक को बेच दी हो। टिंकू ने बताया कि जिस दिन उमा घर से गई, उसी दिन उनके लिए खत्म हो गई थी, लेकिन अब इंसानियत के नाते उसके सिर का अंतिम संस्कार किया।
 

हलालपुर में जोनी के मकान पर लगा बोर्ड। - फोटो : अमर उजाला
मुझे परेशान मत करो, मेरा कोई मतलब नहीं : पूर्व पति जोनी
हलालपुर गांव में जोनी और उमा के घर थोड़ी दूरी पर हैं। जोनी हाथ से दिव्यांग और रंगाई-पुताई का काम करता है। छह साल से जोनी पत्नी उमा व बेटे ऋषभ (10) के साथ रमजानपुर कॉलोनी में रह रहा था। करीब तीन साल से उमा अकेली बेहट रोड स्थित गंगोत्री कॉलोनी में किराये के मकान में बबीता के यहां पर रह रही थी। उसी समय जोनी अपने बेटे ऋषभ के साथ गांव में लौट गया था। दोनों के बीच विवाद हो गया था। 

करीब डेढ़ साल पहले तलाक भी हो गया था। बेटा ऋषभ कभी-कभार मां उमा से मिलने जाता था। उमा की हत्या के बाद सोमवार को मीडिया जोनी के मकान पर पहुंचा। वहां पर ताला लगा हुआ था। मकान पर प्रधानमंत्री आवास योजना का शिलापट लगा हुआ था, जिस पर लाभार्थी की जगह उमा पत्नी जोनी का नाम लिखा था। 
पता चला कि जोनी मजदूरी पर गया है। जोनी से फोन पर बात करने का प्रयास किया। उसने सिर्फ इतना कहा कि वह काफी परेशान है और उसका कोई मतलब नहीं। बेटे ऋषभ से बात की गई तो बताया कि उसे इस बारे में कुछ नहीं पता।
 

हमें नहीं पता, जोनी के यहां चले जाओ
उमा के परिवार में पिता पवन और भाई टिंकू व अन्य सदस्य है। उमा के एक भाई का पहले निधन हो चुका है। उमा की दो बहनें हैं। बड़ी बहन का पति से तलाक हो गया था। इसके बाद उसने गांव के युवक से प्रेम विवाह कर लिया था। सोमवार दोपहर के समय मीडियाकर्मी उमा के मकान पर भी पहुंचे। वहां पर एक महिला मिली। महिला ने स्पष्ट कहा कि हमारा कोई मतलब नहीं है, थोड़ी दूर जोनी का मकान है वहां पर चले जाओ। इस संबंध में कोई बात नहीं।
 

अक्सर आता था बिलाल : मकान मालिक
गंगोत्री कॉलोनी में उमा की मकान मालिक बबीता व अन्य किरायेदारों ने बताया कि बिलाल अक्सर उमा से मिलने के लिए आता था। किसी को भी यह आभास नहीं था कि वह मन ही मन में इतनी बड़ी साजिश रच रहा है। हत्या वाले दिन भी वह घर से उमा को शादी के बहाने से लेकर गया था।
 

भाई की करतूत, टालना पड़ गया बहन का निकाह
अंबेहटा के टिडोली निवासी आरोपी बिलाल की बहन का सोमवार को निकाह होना था, लेकिन बिलाल की इस करतूत से निकाह की खुशिया धरी की धरी रह गई। परिजनों ने फिलहाल निकाह की तारीख को कुछ दिनों के लिए आगे बढ़ा दिया है। इस घटनाक्रम के बाद हर कोई सदमे में है। बता दें, कि रविवार को बिलाल और उसके भाई सलमान की बरात जानी थी, लेकिन बिलाल की गिरफ्तारी होने पर केवल उसके भाई की बरात पहुंची और बेहद सादगी से दुल्हन को विदा कर लेकर आए।
 
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मीट काटने वाले छुरे से काटी थी गर्दन
वहीं, यमुनानगर पुलिस की जांच में आया कि आरोपी ने पहले सीट बेल्ट से उमा का गला घोंटा। इससे उमा का शरीर बेजान हो गया। उसे मरा समझकर आरोपी ने कार को आगे बढ़ा लिया था। करीब आधा किमी दूर चलने पर गांव बहादुरपुर की लाइटें नजर आई। तभी उसे शक हुआ कि उमा जिंदा न बच जाए। ऐसे में उसने मीट काटने वाले छुरे से उमा की गर्दन काट दी। इसके बाद धड़ को अलग और गर्दन को अलग स्थान पर फेंक दिया। प्रेमिका की हत्या के बाद आरोपी अपने घर पहुंचा। उसने अपना मोबाइल फॉर्मेट कर दिया, जिससे उमा की फोटो और नंबर आदि सब खत्म हो जाएं। पुलिस ने मोबाइल कब्जे में ले रखा है।

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