सहारनपुर। जिले में वाहनों की फिटनेस जांच के लिए कंप्यूटराइज ऑटोमेटिक टेस्टिंग सेंटर का सपना अभी साकार नहीं हुआ है। आवेदक नहीं मिलने से सेंटर की प्रक्रिया अटकी हुई है। नौ में से दो आवेदनों पर अभी मंथन चल रहा है, जबकि मानक पूरे नहीं करने पर सात आवेदन निरस्त हो गए थे।
सवारी वाहन बस, जीप, टेंपो, ट्रक व पिकअप सहित अन्य काॅमार्शियल वाहनों का प्रतिवर्ष संभागीय परिवहन कार्यालय से फिटनेस कराना अनिवार्य है। आरटीओ कार्यालय में इस समय 21 हजार से अधिक कॉमर्शियल वाहन पंजीकृत हैं। संभागीय निरीक्षक ही वाहनों को चेक करने के बाद फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करते हैं। जांच के लिए कोई ट्रैक नहीं है। जिले में तीन कंप्यूटराइज ऑटाेमेटिक सेंटर खोले जाने हैं। टेस्टिंग सेंटर में लगी आधुनिक मशीनों से कुछ ही मिनटों में वाहनों के टायर, लाइटिंग की व्यवस्था, पहियों की गति, इंजन की आवाज, प्रेशर हाॅर्न, ब्रेक की तीव्रता व सीट आदि की जांच आसानी से हो जाएगी। सेंटर के लिए नौ लोगों ने आवेदन किया था, उनमें से सात निरस्त हो गए हैं, जबकि दो आवेदनों पर अभी विचार चल रहा है।
उधर, संभागीय निरीक्षक रोहित कुमार सिंह का कहना है कि ऑटोमेटिक टेस्टिंग सेंटर निर्माण के लिए करीब तीन एकड़ जमीन की जरूरत है। सेंटर का संचालन किसी प्राइवेट संस्था या व्यक्तिगत रूप से किसी व्यक्ति को करना है। ऑटोमेटिक टेस्टिंग सेंटर निर्माण के लिए अभी दो आवेदनों पर मंथन चल रहा है। अभी नए आवेदन नहीं आ रहे हैं।