सहारनपुर। सर्किट हाउस रोड पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। पीड़ितों ने इसे कुछ अधिकारियों का मनमाना रवैया बताया है। चेतावनी दी कि यदि उनको हुए नुकसान की भरपाई नहीं की गई तो वह हाईकोर्ट जाएंगे।
वीवीआईपी रोड होने की वजह से प्रशासन सर्किट हाउस मार्ग का चौड़ीकरण करा रहा है। सर्किट हाउस रोड के बीच से सिंचाई विभाग का रजबहा बह रहा है। ऐसे में इसके दोनों पटरियों का स्वामित्व सिंचाई विभाग का है। सड़क लोक निर्माण विभाग बनाएगा, लेकिन दोनों ओर की पटरियों से अतिक्रमण हटाकर देने की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग की है। सिंचाई विभाग ने कुछ समय पहले पैमाइश करते हुए निशान लगाए थे, जिन लोगों के मकान या दुकान के चबूतरे और छज्जे सड़क पर थे।
उन्हें मार्च में नोटिस जारी करते हुए चार अप्रैल तक अतिक्रमण खुद हटाने को कहा था, लेकिन सिंचाई विभाग, सदर तहसील, नगर निगम और लोक निर्माण विभाग की टीम ने दलबल के साथ पहुंचकर एक अप्रैल में ही बुलडोजर से दुकानें और मकान ध्वस्त करा दिए। इस कार्रवाई से पीड़ितों में रोष है। उनका कहना था कि दिए गए समय से पहले विभाग कार्रवाई नहीं कर सकता था, लेकिन विभाग ने मनमानी की है।
पीड़ितों ने बताया कि कागजों में रजबहे सहित दोनों ओर की पटरी की कुल चौड़ाई 55 फीट है, लेकिन सिंचाई विभाग गलत पैमाइश कर लोगों को नुकसान पहुंचा रहा है। इसके लिए वह अधिकारियों को नामित करते हुए हाईकोर्ट जाएंगे।