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Saharanpur News: शहर में अगले 25 साल नहीं होगा जलभराव, बन रहा मास्टर ड्रेनेज प्लान

Wed, 02 Sep 2026 01:03 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
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सहारनपुर। महानगर में अगले 25 साल तक जलभराव और बाढ़ की समस्या न बने। इसके लिए मास्टर ड्रेनेज प्लान बनाया जा रहा है। इसके लिए लखनऊ से टीम आई हुई है, जिसे नगर निगम द्वारा पूरे शहर का भौगोलिक डाटा उपलब्ध कराया है।
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जलभराव और बाढ़ शहर की प्रमुख समस्या रहा है। एक ओर जहां बरसात के दिनों में पांवधोई नदी और ढमोला नदी से सटी कॉलोनियों में बाढ़ के हालात बन जाते हैं। वहीं, अनेक कॉलोनियों में जल निकासी की व्यवस्था न होने से सामान्य दिनों में घरों का दूषित पानी गलियों में भरा रहता है। अब उम्मीद है कि भविष्य में किसी भी कॉलोनी में ऐसी समस्या नहीं रहेगी, क्योंकि मास्टर ड्रेनेज प्लान के तहत शहर को अगले 25 साल तक यानी वर्ष 2050 तक जलभराव से मुक्त बनाने की सोच है।
मास्टर ड्रेनेज प्लान शहर में बारिश के पानी और गंदे पानी की निकासी को सुधारने और व्यवस्थित करने के लिए बनाई गई एक दीर्घकालिक (लॉन्ग टर्म) और व्यापक योजना है। इससे पहले पूरे शहर का सर्वे किया जाएगा, जिसके लिए लखनऊ से टीम सहारनपुर पहुंची हुई है। नगर निगम द्वारा टीम को सभी 70 वार्डों की भौगोलिक जानकारी उपलब्ध करा दी गई है। सर्वे भौतिक रूप से किया जाएगा। कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस है।
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मास्टर ड्रेनेज प्लान के मुख्य बिंदु



- भारी बारिश के दौरान शहर में होने वाले जलभराव और बाढ़ जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान करना है।

- सभी छोटे-बड़े नालों, सीवर लाइनों और जल प्रवाह के कारणों की पहचान कर उनका नक्शा तैयार किया जाएगा।



- पुरानी और क्षतिग्रस्त हो चुकी ड्रेनेज व्यवस्था का पुनर्निर्माण, नालों की चौड़ाई बढ़ाने और नए पंपिंग स्टेशन स्थापित करना इसमें शामिल है।
- यह प्लान शहर की बढ़ती आबादी और आगामी विकास कार्यों को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है, जिससे भविष्य में अनियोजित विकास के कारण पानी की निकासी न रुके।





एक-दूसरे को प्रभावित करेंगी योजनाएं



जल निकासी के लिए नगर निगम की ओर से भी करीब 150 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं। क्रेगी नाला के लिए 50 करोड़ रुपये स्वीकृत कराए गए हैं। इसके अलावा 15वें वित्त महानगर के तीन नालों के लिए 100 करोड़ रुपये की स्वीकृति हो चुकी है। ऐसे में मास्टर ड्रेनेज प्लान और नगर निगम की योजना एक-दूसरे को प्रभावित कर सकती हैं, क्योंकि दोनों का उद्देश्य एक ही है।





मास्टर ड्रेनेज प्लान के तहत लखनऊ से टीम आई है, जो शहर का सर्वे करेगी। नगर निगम द्वारा भौगोलिक स्थिति से अवगत करा दिया गया है। यह वर्ष 2050 तक की प्लान बनाएगी, जिसके बाद सीएंडडीएस काम करेगी।
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एसपी मिश्रा, मुख्य अभियंता निर्माण, नगर निगम
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