छुटमलपुर। बारिश के बाद पहाड़ियों का मलबा और भारी-भरकम पेड़ कई जगह से सड़क पर आने के बाद पुराना दिल्ली-देहरादून हाईवे चार दिन से बंद पड़ा है। इसे बहाल करने के लिए लोक निर्माण विभाग के अधिकारी कोई रुचि नहीं ले रहे हैं। इसके चलते मोहंड, सोढ़ीनगर की आबादी सहित वन गुर्जरों को देहरादून जाने में दिक्कत आ रही है।
बता दें, कि शिवालिक पहाड़ियों पर भारी बारिश के चलते 29 अगस्त को लाल पुल के आगे मलबा आने के बाद पुराना दिल्ली-देहरादून सड़क मार्ग बंद हो गया था। इसके बाद दो और जगहों पर पहाड़ का मलबा आ गया है। इसके साथ ही भारी-भरकम पेड़ भी सड़क पर आ गए हैं। इससे यह रास्ता पूरी तरह बाधित हो गया है। बाइक सवार भी इस मार्ग से देहरादून नहीं जा आ पा रहे हैं। गणेशपुर के पूर्व प्रधान राव गुलसनव्वर, अलाउद्दीन, गुलबहार, रफी मोहम्मद आदि का कहना है कि रास्ता बंद होने से देहरादून जाने के लिए मोहंड और सोढीनगर के निवासियों को गणेशपुर होते हुए जाना पड़ रहा है। इसके लिए उन्हें दस किमी ज्यादा का चक्कर काटना पड़ रहा है। रास्ता बंद होने के कारण वन विभाग की गश्त भी प्रभावित हो रही है। मोहंड रेंज के वन क्षेत्राधिकारी लव सिंह ने बताया कि उन्होंने लोक निर्माण विभाग को सूचना दे दी थी, लेकिन अभी तक विभाग की तरफ से मलबा हटाने की पहल नहीं की गई है।