-पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल उर्फ बाला द्वारा फर्जी बैनामे से जमीन हड़पने का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या 5 मोहित शर्मा की अदालत ने जमीन कब्जाने समेत अन्य धाराओं के आरोपी मोहम्मद इमरान और अश्वनी की जमानत याचिका खारिज की है।
वादी मेघराज ने थाना मिर्जापुर में तहरीर दी थी। आरोप लगाया कि इकबाल उर्फ बाला ने वर्ष 2011 में जब वह एमएलसी थे, उनकी पत्नी सविता की जमीन जो दिल्ली-यमुनोत्री रोड पर स्थित है। उसका पांच बीघा के बैनामे की बात करके 49 बीघा जमीन का धोखाधड़ी से बैनामा करा लिया था। कुछ समय बाद उन्हें पता चला कि उनकी सारी जमीन धोखे से विपक्षियों ने अपने नाम करा ली है। जब उन्होंने इकबाल को जमीन पर कब्जा नहीं दिया तो आरोप है कि इकबाल ने वर्ष 2014 में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करा दिया।
मामले से वह अदालत से बरी हो गया। वर्ष 2019 में अधिकारियों के आदेश से इकबाल उर्फ बाला व उनके लड़के और नौकरों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद से ही उन्हें जमीन पर से कब्जा छोड़ने व मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा था। आरोप लगाया कि विपक्षियों ने सलमान से साजिश करके उनके व उनकी पत्नी के खिलाफ झूठे तथ्यों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर दिया। यह भी आरोप है कि इमरान और अश्वनी उसके पास आए और उसे पूर्व एमएलसी के बेटों के पास ले गए। वहां जान से मारने की धमकी और मुकदमा वापस लेने को कहा गया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्राथमिक की दर्ज की।
आरोपी अश्वनी और मोहम्मद इमरान ने अदालत में जमानत याचिका दाखिल की। विशेष लोक अभियोजक गुलाब सिंह ने जमानत याचिका का विरोध किया। कहा की घटना की अवधि में आरोपियों की सीडीआर से सभी की मौजूदगी एक साथ पाई जा रही है। इससे आरोपियों की घटना स्थल पर मौजूद होने की पुष्टि भी होती है। अपर सत्र न्यायाधीश संख्या 5 मोहित शर्मा की अदालत ने दोनों पक्षों को सुनते हुए आरोपी इमरान एवं अश्विनी की जमानत याचिका निरस्त की है।