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बच्चे के जन्म के 460 दिन तक मिलेगा योजना का लाभ

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सहारनपुर। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) का लाभ यदि सामान्य समय सीमा के अंदर नहीं लिया है, तो इसकी पात्रता गर्भधारण से 730 दिन तक बनी रहती है। योजना का लाभ बच्चे के जन्म के 460 दिन तक पात्र लाभार्थी ले सकती हैं। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव मांगलिक ने दी।
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उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 से शुरू हुई इस योजना का लाभ वह महिलाएं भी ले सकती हैं, जिन्होंने पहला बच्चा होने पर सामान्य समय सीमा के अंदर इसका लाभ नहीं लिया है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत महिला गर्भधारण यानि अंतिम मासिक चक्र (एलएमपी) से 730 दिन तक इसकी पात्र बनी रहती है। शर्त यह है कि उसने योजना की किसी भी किस्त का भुगतान नहीं लिया हो। ऐसी लाभार्थी के पास बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र, टीकाकरण कार्ड, मां का टीकाकरण कार्ड जिस पर अंतिम मासिक चक्र की तिथि दर्ज हो, चिकित्सक का पर्चा, मदर चाइल्ड प्रोटेक्शन (एमसीपी) कार्ड अथवा निजी अस्पताल द्वारा दी गई बुकलेट होना जरूरी है। लाभार्थियों को योजना के उद्देश्य को पूरा करने के लिए वरीयता शर्तों की पूर्ति के ठीक बाद आवेदन करना होता है। यदि वह सामान्य समय सीमा के अंदर आवेदन नहीं कर पाती है तो भी योजना का लाभ देने पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि लाभार्थी किसी भी समय परंतु गर्भधारण के अधिकतम 730 दिन के अंदर आवेदन कर सकती हैं, भले ही उसने पहले किसी किस्त के लिए दावा न किया हो, लेकिन लाभ प्राप्त करने के लिए पात्रता के मापदंडों एवं शर्तों को पूरा करती हो। ऐसे मामलों में जहां एमसीपी कार्ड में एलएमपी तिथि दर्ज नहीं हैं या लाभार्थी योजना के अंतर्गत तीसरी किस्त का दावा करने के लिए आ रही है तो ऐसे मामलों में दावा बच्चे के जन्म की तिथि से 460 दिन के अंदर प्रस्तुत करना अनिवार्य है। इस अवधि के बाद किसी भी दावे पर विचार नहीं किया जाएगा। योजना का उद्देश्य मजदूरी की क्षति के बदले में नकद राशि को प्रोत्साहन के रूप में क्षतिपूर्ति प्रदान करना है।
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