सहारनपुर। समय पर गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने के बावजूद मंडल के किसानों का गन्ने की खेती के प्रति रुझान बढ़ रहा है। इसकी गवाही मंडल में चल रहे गन्ना सर्वे की रिपोर्ट देती है, जिसमें 2.38 प्रतिशत गन्ना क्षेत्रफल बढ़ने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि करीब दस हजार हेक्टेयर रकबा बढ़ सकता है। गत सीजन में मंडल में 34892.84 हेक्टेयर था।
आने वाले पेराई सत्र में मंडल की चीनी मिलों को भरपूर गन्ना मिलेगा, जिससे शुगर मिलों के बीच गन्ने को लेकर मारामारी नहीं मचेगी। साथ ही शुगर मिलों के सामने जनवरी माह में होने वाली कम गन्ना आपूर्ति की समस्या भी नहीं रहेगी। शुगर मिलें पूरी क्षमता के साथ पेराई करेंगी। इसके अलावा सरकार चीनी मिलों को एथेनॉल बनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। मंडल में फिलहाल पांच शुगर मिलें एथेनॉल बना रहीं हैं। इनमें देवबंद, गांगनौली, खतौली, थानाभवन और खाई खेड़ी शामिल हैं।
5.52 प्रतिशत सर्वाधिक सहारनपुर में बढ़ा रकबा
मंडल के 208 गांवों की सर्वे रिपोर्ट सामने आई है। इनमें से 71 गांव सहारनपुर जिले के, मुजफ्फरनगर के 92 और शामली जनपद के 45 गांव शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार सहारनपुर में 5.52 प्रतिशत, मुजफ्फरनगर में 1.43 और शामली जिले में 2.34 फीसदी की बढ़ोत्तरी सामने आई है। करीब दस हजार हेक्टेयर गन्ना रकबा बढ़ने की उम्मीद है।
ये हैं गन्ना रकबा बढ़ने के कारण
- एक बार फसल बुवाई करने पर दो साल तक पैदावार ली जाती है।
- अन्य फसलों की अपेक्षा गन्ने की फसल को कम समय देना पड़ता है।
- गत वर्ष धान का भाव कम होने का भी प्रभाव है।
- किसानों के खातों में एकमुश्त पैसा पहुंचता है।
अभी गन्ना सर्वे चल रहा है। फिलहाल जो रिपोर्ट आई है, उसके अनुसार करीब दस हजार हेक्टेयर गन्ना रकबा सहारनपुर मंडल में बढ़ने की पूरी उम्मीद है।
- डॉक्टर दिनेश्वर मिश्र, उप गन्ना आयुक्त।
मंडल में गन्ना क्षेत्रफल (हेक्टेयर) एवं उत्पादन (लाख क्विंटल)
वर्ष क्षेत्रफल उत्पादन
2018-19 305789 2576.85
2019-20 317288 2750.74
2020-21 351676 3158.92
बकाया गन्ना मूल्य
जनपद बकाया
सहारनपुर 600 करोड़ रुपये
मुजफ्फरनगर 827 करोड़ रुपये
शामली 766 करोड़ रुपये
योग 2193 करोड़ रुपये
नोट: उप गन्ना आयुक्त कार्यालय के 15 जून के आंकड़ों के अनुसार