जजनैर गांव के खेतों में तांत्रिक द्वारा खोदा गया गड्ढा। संवाद
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छुटमलपुर। ग्राम पंचायत जजनैर के पठौड़ी स्थित खेतों में कुछ लोग रात के वक्त पिछले करीब एक पखवाड़े से तंत्र क्रिया कर रहे हैं। तांत्रिक और इस क्रिया में लगे लोगों को पकड़ने के लिए ग्रामीणों ने पहरा भी दिया, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ सके। ग्रामीणों का मानना है कि कथित रूप से दबे धन को पाने के लिए उक्त तंत्र क्रिया की जा रही है।
फतेहपुर थाना क्षेत्र के गांव जजनैर में पश्चिम दिशा की ओर बुड्ढाखेड़ा मार्ग पर ग्रामीणों के खेत हैं। यह स्थान काफी ऊंचा नीचा है। गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि सैकड़ों साल पहले यहां कभी खेड़ा पलट गया था। इसी जगह पर जजनैर निवासी सागर राणा के खेत में होली से पहले किसी ने करीब पांच फीट गहरा गड्ढा खोद दिया था। इसके पास हवन किया गया था। होली पर जब किसान खेत में गया तो उसने वहां गड्ढा खुदा हुआ देखा और तंत्र विद्या से संबंधित कुछ सामग्री भी वहां पड़ी थी। बताया जाता है कि उसने इसे सामान्य बात समझी और गड्ढा बंद करके आ गया था। होली के बाद वह फिर खेतों की तरफ गया तो फिर से उसे वही स्थिति मिली जिस पर ग्रामीणों ने कई दिनों तक रात के वक्त पहरा दिया, लेकिन किसी का सुराग नहीं लग सका।
गांव के सुनील राणा, शिव कुमार फौजी, नरेंद्र सिंह, लोकेश राणा, संदीप राणा आदि ने बताया कि दो दिन से ग्रामीण पहरे पर नहीं जा रहे थे कि रात फिर गड्ढा खोद कर हवन किया गया। मौके से मिठाई, नारियल, चावल, बताशे, सिंदूर, इत्र की शीशी, लाल कपड़ा आदि सामान पड़ा मिला है। कार के टायरों के निशान भी मिले हैं। इससे पता चलता है कि तंत्र क्रिया करने आने वाले लोग कार से आते हैं। गांव निवासी अनिल राणा बताते हैं कि खेड़ा पलटा होने की वजह से कुछ लोग यह मानते हैं यहां जमीन के अंदर बड़ी मात्रा में धन दबा है। ऐसी ही सोच वाले व्यक्ति उस कथित धन संपदा को पाने के लिए तंत्र क्रिया करा रहे हैं। उधर, पुलिस का कहना है कि ऐसी कोई सूचना नहीं मिली है। रात्रि में उस क्षेत्र में पुलिस गश्त कराते हुए स्थिति पर नजर रखी जाएगी।