सहारनपुर। पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल, भाई महमूद और चारों बेटों वाजिद, जावेद, अफजाल, अलीशान को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। अदालत ने 13 अगस्त को मिर्जापुर में दर्ज किए गए मामले में जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए। यह भी कहा कि इस मामले के बाद दर्ज होने वाली किसी भी एफआईआर में याचिकाकर्ताओं को अदालत की अनुमति के बिना गिरफ्तार न किया जाए।
याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता की तरफ से पिछले साल नवंबर माह में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। याचिका में उन्होंने कहा था कि याचिकाकर्ताओं को मामले में जमानत मिलने के बाद अन्य मामले दर्ज कर दिए जाते हैं, जिससे वह जेल से बाहर न आ सके। इसके बाद अदालत ने नोटिस जारी किया था। मामले में 22 अगस्त को फिर से सुनवाई हुई। याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता ने अदालत में कहा कि उनकी यह आशंका सही साबित हुई है।
पुलिस की तरफ से 13 अगस्त को मिर्जापुर थाने में एससी-एसटी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर दिया। अदालत ने इस मामले में दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलों को सुना। दलील सुनने के बाद अदालत ने आदेश जारी किया है। उधर, अदालत से राहत मिलने के बाद पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान और पूर्व विधायक शशिबाला पुंडीर की तरफ से फेसबुक पर पोस्ट कर पूर्व एमएसी इकबाल का समर्थन किया है।