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किसानों का 387 करोड़ दबाए बैठीं जनपद की शुगर मिलें

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संवाद न्यूज एजेंसी
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सहारनपुर। गन्ना विभाग समय पर गन्ना मूल्य भुगतान कराने में विफल साबित हो रहा है। जनपद की शुगर मिलों पर किसानों के करीब 387.31 करोड़ रुपये अभी भी बकाया हैं। जनपद में सबसे अधिक बकाया गन्ना मूल्य 186.33 करोड़ रुपये गांगनौली शुगर मिल पर है।
तमाम प्रयासों के बावजूद किसानों को समय पर गन्ना मूल्य भुगतान नहीं हो पा रहा है। जनपद की छह चीनी मिलों में से मात्र देवबंद का भुगतान न सिर्फ समय पर हो रहा है बल्कि उसने कुछ भुगतान एडवांस भी कर रखा है। जनपद की चीनी मिलों ने अब तक करीब 951.64 करोड़ रुपये का गन्ना खरीदा है। इसमें से 14 दिनों के दायरे में 821.668 करोड़ रुपये का भुगतान आ रहा है। जिले की चीनी मिलों पर किसानों के अभी भी लगभग 387.31 करोड़ रुपये बकाया हैं। जनपद में अब तक खरीदे गए गन्ने का मात्र 52.86 प्रतिशत ही भुगतान हुआ है। गांगनौली चीनी मिल पर 186.33 करोड़ रुपये, शेरमऊ पर 28.87 करोड़ रुपये, गागलहेड़ी पर 66.70 करोड़ रुपये, नानौता पर 63.01 करोड़ रुपये, सरसावा पर 48.54 करोड़ रुपये अभी भी बकाया हैं। गांव बिडवी के किसान सुधीर कुमार, सहजवा के बिट्टू नंबरदार, चौरा खुर्द के महक सिंह आदि का कहना है कि समय पर गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। किसानों को ना तो समय पर गन्ना मूल्य भुगतान हो रहा है और ना ही बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज ही मिल रहा है।
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बकाया गन्ना मूल्य के भुगतान में तेजी लाने के लिए शुगर मिलों पर दबाव बनाया गया है। चीनी मिलों ने गत सीजन का पूरा बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कर दिया है। मौजूदा पेराई सत्र का भी गन्ना मूल्य का 52.86 प्रतिशत भुगतान हो गया है। मिलों को जल्द बकाया भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं। - कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी, जिला गन्ना अधिकारी।
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