सहारनपुर। स्वच्छ सर्वेक्षण-2021 चल रहा है। रैंक सुधारने के लिए महापौर और नगरायुक्त से लेकर सौ से अधिक कर्मचारियों की टीमें उतारी गई हैं। बीते वर्ष के स्वच्छ सर्वेक्षण में 49वां स्थान मिलने के बाद मौजूदा सर्वेक्षण में रैंक सुधारने के लिए निगम ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, मगर अब भी कई खामियां हैं, जिन पर गंभीरता से कार्य करने की जरूरत है।
नगर निगम सहारनपुर स्वच्छ सर्वेक्षण में वर्ष 2017 से प्रतिभाग कर रहा है। पहले वर्ष में सहारनपुर नगर निगम ने स्वच्छ सर्वेक्षण में 245वां पायदान हासिल किया था। मगर 2018 में रैंक में सुधार की बजाय गिरावट आई, जिसमें सहारनपुर को 378वां स्थान मिला था। मगर उसके बाद सहारनपुर ने बेहतर कार्य करते हुए वर्ष 2019 में 92वीं रैंक हासिल की।
बीते वर्ष हुए स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 में सहारनपुर ने टॉप-10 में आने का लक्ष्य रखा था। दिन के साथ ही रात में भी नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने अपनी मौजूदगी में शहर में सफाई अभियान चलाए। नतीजा रैंक में सुधार हुआ और सर्वेक्षण में शामिल कुल 4157 शहरों में सहारनपुर अपने वर्ग सात से दस लाख आबादी वाले शहरों में देश में 49वें स्थान पर रहा, जबकि प्रदेश में पांचवां स्थान प्राप्त किया था। सात से दस लाख आबादी वाले शहरों में उत्तर प्रदेश के 59 शहर शामिल थे। बीते वर्ष रही कमियों को दूर करने के लिए नगर निगम ने कई अच्छे कदम उठाए हैं, वहीं कुछ खामियां ऐसी हैं, जो पहले चरण से बनी हुई हैं।
ये हैं खामियां
डंपिंग ग्राउंड के लिए नगर निगम ने बेहट रोड पर करीब एक वर्ष पहले भूमि खरीदी थी। मगर एक साल में भूमि पर केवल बाउंड्रीवाल ही बन सकी है। कचरे से बिजली बनाने का प्लांट भी अभी तक चालू नहीं हो सका है। साथ ही बाहरी कॉलोनियों जिनमें 32 गांव भी शामिल हैं, उनमें सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं है। आज भी गांवों के बाहर कुरड़ियां सफाई व्यवस्था की पोल खोल रही हैं। इनके अलावा शहरी क्षेत्र में कई नए शौचालयों पर ताले लटके हुए हैं।
नालों पर चल रहा कार्य
शहर में सबसे अधिक कार्य नालों पर किया जा रहा है। वर्तमान में करीब 40 प्रमुख नालों का निर्माण पूरे शहर में चल रहा है। अधिकारियों का दावा है कि छह माह बाद शहर में जलभराव की समस्या नहीं रहेगी, साथ ही नालों की सफाई भी आसान होगी।
यह हुआ सुधार
सभी 70 वार्डों में एक-एक सामुदायिक एवं सार्वजनिक शौचालय बन रहा है। कचरा प्रबंधन के लिए नगर निगम शहर में लगातार एमआरएफ सेंटर बना रहा है। 150 कूड़ाघरों में से 110 कूड़ाघर खत्म किए जा चुके हैं। अब इनकी जगह 40 ट्रांसफर सेंटर बनाए जा रहे हैं। हाल ही में नगर निगम ने मल्हीपुर रोड स्थित एसटीपी परिसर में दो कंपोस्टर लगाए हैं। घर-घर से कचरा इकट्ठा करने को विस्तारित करते हुए 20 नए वार्ड जोड़े गए।
स्वच्छता के क्षेत्र में महानगर में काफी कार्य हुए हैं। सड़कों के किनारे कूड़ाघर खत्म कर दिए गए हैं, डंपिंग ग्राउंड का कार्य अंतिम दौर में है, साथ ही एमआरएफ सेंटर बने हैं जहां गीले और सूखे कचरे को अलग किया जाता है। नागरिकों के सहयोग से इस बार स्वच्छता में सहारनपुर को नंबर वन पर लाने का लक्ष्य है। - संजीव वालिया, महापौर