देवबंद। सरकारी भूमि पर संचालित मदरसों, मस्जिदों और मजारों से जुड़े मामले में सोमवार को तहसीलदार कोर्ट में लेखपालों के दोबारा बयान दर्ज किए गए। इस प्रकरण में अगली सुनवाई पांच अक्तूबर को निर्धारित की गई है।
यह मामला सरकारी जमीन पर धार्मिक स्थलों के संचालन से संबंधित है। जुलाई माह में छह मुतवल्लियों और प्रबंधकों को धारा 67 के तहत नोटिस जारी किए गए थे। इनमें सोहनचिड़ा गांव की अक्सा मस्जिद के मुतवल्ली अहसान और पंडोली नागल की मदीना मस्जिद के प्रबंधक रिजवान शामिल थे। छलौली स्थित मदरसा दारुस्सलाम के प्रबंधक तौसीफ और अंबेहटा शेखा स्थित मदरसे के मुतवल्ली मुर्तजा को भी नोटिस मिले थे। पहाड़पुर की मस्जिद के मुतवल्ली हाफिज गुलबहार और अंबेहटा शेखां की मस्जिद के मुतवल्ली मोहतशिम भी नोटिस पाने वालों में थे। तहसीलदार कोर्ट ने संबंधित पक्षों से भूमि से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा था। इसके बाद मुतवल्लियों और प्रबंधकों ने अपने भू-अभिलेख कोर्ट में दाखिल किए थे। इस प्रकरण में लेखपालों के बयान दर्ज होने के बाद 14 सितंबर को पहली जिरह हुई थी। सोमवार को तहसीलदार कोर्ट में ग्राम समाज के लेखपालों के बयान दोबारा दर्ज कराए गए। यह सुनवाई सरकारी भूमि पर धार्मिक स्थलों के संचालन से संबंधित है। कोर्ट ने अब अगली तिथि पांच अक्तूबर निर्धारित की है।