अमर उजाला ब्यूरो
शाकंभरी-सहारनपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा कि भविष्य में आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करें। विकास कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जताई। सीएम शांकभरी देवी मंदिर में आई बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र का सोमवार को दाैरा करने पहुंचे थे।
सीएम का हेलिकॉप्टर 4:30 बजे हेलीपैड पर उतरा। इसके बाद वह भूरादेव मंदिर और शाकंभरी देवी मंदिर पहुंचकर दर्शन किए। भूरादेव के पास अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से बाढ़ के दौरान हुए नुकसान, राहत एवं बचाव कार्यों और प्रभावित लोगों को दी गई सहायता की जानकारी ली। आपदा के समय किए गए इंतजामों का बिंदुवार ब्योरा मांगा।
मुख्यमंत्री ने सड़क, पार्किंग, जल निकासी, पर्यटन सुविधाओं और अन्य निर्माण परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने भूरादेव से मां शाकंभरी मंदिर तक बन रहे एलिवेटेड रोड को दिसंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए। धीमी गति से चल रहे कार्यों को लेकर नाराजगी जताई। संस्कृत विद्यालय, धर्मशालाओं व शंकराचार्य आश्रम तक रास्ते की व्यवस्था करने के लिए कहा। स्पष्ट कहा कि राहत कार्यों के साथ-साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी समाधान तलाशा जाए और जिम्मेदारी तय की जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान से बाढ़ आपदा के बारे में विस्तार से जानकारी ली। जिलाधिकारी ने बताया कि बाढ़ को लेकर अलर्ट किया गया था। रात करीब नौ बजे श्रद्धालुओं को खोल से हटाकर धर्मशाला में पहुंचा दिया गया था। रात करीब 12 बजे के बाद अचानक पानी का सैलाब आया, जिसमें दो महिला श्रद्धालुओं की मौत हुई। जिलाधिकारी ने बताया कि भूरादेव पर चौकी स्थापित की जाएगी। शाकंभरी से आगे पहाड़ पर भी एक स्थायी चौकी बनाई जाएगी। भूरादेव पर पार्किंग की व्यवस्था रहेगी।