बुढ़ाना। फुगाना थाना क्षेत्र के खरड़ में जय सिंह कश्यप के परिवार से मिलने जा रहे सपा के प्रतिनिधिमंडल को महावीर तिराहे पर पुलिस चौकी के पास रोक लिया गया। इस दौरान सपा नेताओं और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई। गुस्साए पूर्व एमएलसी डॉ. राजपाल कश्यप सड़क के बीच धरने पर बैठ गए, जिन्हें अधिकारियों ने समझाकर शांत किया। बाद में गेस्ट हाउस पर पीड़ित परिवार से मुलाकात कराई गई। सपा नेताओं ने चेतावनी दी कि पीडीए परिवारों का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो आंदोलन तेज होगा।
खरड़ गांव में 15 सितंबर को बुजुर्ग जय सिंह कश्यप (80) की लाठी-डंडों से पिटाई करते हुए हत्या कर दी गई थी। मामले को लेकर तनाव बना हुआ है। मंगलवार को सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के अध्यक्ष एवं पूर्व एमएलसी राजपाल कश्यप, जिलाध्यक्ष जिया चौधरी, पूर्व सांसद फजलुर्रहमान, मांगेराम कश्यप, विनय पाल, धनवीर कश्यप और अकरम खान खरड़ जाने के लिए निकले थे। इस बीच बुढ़ाना तिराहे पर पुलिस ने रोक लिया।
सपा नेताओं और पुलिस के बीच यहां काफी देर तक खींचतान होती रही। सपाइयों का कहना था कि उनका मकसद पीड़ित परिवार को हिम्मत देना है। भाजपा सरकार में पीडीए के लोगों पर अत्याचार बढ़ रहा है।
सीओ फुगाना नरेंद्र यादव एवं अन्य पुलिस अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को समझा-बुझाकर शांत किया। इसके बाद कस्बे के गेस्ट हाउस पर पीड़ित परिवार से मुलाकात कराई गई।
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एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी
सपा का प्रतिनिधिमंडल और कार्यकर्ता लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन पर पहुंचे। वहीं खरड़ गांव के पीड़ित परिवार को पुलिस लेकर आई। जिलाध्यक्ष जिया चौधरी एडवोकेट ने बताया कि सपा मुखिया पूर्व सीएम अखिलेश यादव की ओर से दिया गया एक लाख रुपये की सहायता का चेक पीड़ित परिवार को दिया गया। सपा नेताओं ने पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। घटना को लेकर सपा के प्रतिनिधिमंडल ने सीओ फुगाना से वार्ता की।
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क्या था मामला
खरड़ गांव में जय सिंह कश्यप घर के बाहर बैठकर सिरका बेच रहा था। इस बीच पड़ोस के मनोज पक्ष से उसका विवाद हो गया। दूसरे पक्ष के लोगों ने लाठी-डंडों से उसके ऊपर हमला कर दिया। सीसीटीवी फुटेज में वारदात कैद हो गई थी। इस मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी, जिनमें से पुलिस तीन को गिरफ्तार कर चुकी है।