सहारनपुर। गागलहेड़ी थाना क्षेत्र के गांव सुनहेटी खड़खड़ी के महमूद हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया। तीन महीना पूर्व संपत्ति के लालच में पुत्र ने ही अपने चाचा और चचेरे भाई के साथ मिलकर पिता की हत्या की थी। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
एसपी सिटी राजेश कुमार ने बताया कि 22 फरवरी की रात थाना गागलहेड़ी क्षेत्र के गांव सुनहेटी खड़खड़ी निवासी गुलबहार ने पुलिस को सूचना दी थी कि अज्ञात बदमाशों ने उसके पिता महमूद उर्फ मूदा की गोली मारकर हत्या कर दी। रिपोर्ट दर्ज कर खुलासे के लिए पुलिस टीमों को लगा दिया गया था।
पुलिस ने रविवार महमूद के बड़े पुत्र ईनाम, उसके के चाचा नसीर और चचेरे भाई फैजान को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद कर लिया। आरोपियों ने बताया कि संपत्ति के लालच में महमूद की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
क्राइम पेट्रोल और फिल्में देखकर रची साजिश
सहारनपुर। इनाम ने पुलिस को बताया कि हत्या के बाद खुद व अपने चाचा व चचेरे भाई को बचाने के लिए उसने साजिश रची थी। इसके लिए उसने कई दिनों तक क्राइम पेट्रोल और कई फिल्में भी देखी थी। ताकि पता लग सके कि हत्या कर खुद को कैसे बचाया जा सके। इसी के बाद उसने वारदात को अंजाम दिया। इसी वजह से पुलिस को तीन माह तक उस पर शक नहीं हुआ था।
सफदरजंग में इलाज का बनवाया था पर्चा
सहारनपुर। एसपी सिटी ने बताया कि इनाम ने खुद को बचाने के लिए दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में वारदात से दो दिन पूर्व इलाज के लिए पर्चा बनवाया था और डाक्टरों को दिखाकर दवाई भी लिखवाई थी। वारदात करने से पहले ही वह घर से गायब हो गया था। ताकि खुद को दिल्ली में होना बता सके। इतना ही नहीं आरोपी ने मोबाइल फोन चोरी होना दर्शाया था और उसकी अंतिम लोकेशन नागल की दिखाई थी। वारदात के हत्या में शामिल उसका चाचा व भतीजा ही देवबंद उसे ट्रेन में दिल्ली बैठाने लिए गए थे।
पहले भी कर चुका था पिता की हत्या की कोशिश
सहारनपुर। आरोपी पहले भी अपने पिता की हत्या की कोशिश कर चुका था। इस बारे में परिजनों को भी जानकारी थी, जिसकी सूचना उन्होंने पुलिस को भी दी थी, लेकिन पुलिस को आरोपी के खिलाफ साक्ष्य नहीं मिल रहे थे और वारदात के बाद से वह गायब था। इस बीच वह जोधपुर और दिल्ली में रहा।