- सामाजिक न्याय पार्टी के गठन के साथ ही पार्टी से जुड़ गए थे शेखर कश्यप
संवाद न्यूज एजेंसी
नानौता। गांव कुआखेड़ा में मेहनत मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाले राजेश कश्यप ने शायद ही सोचा होगा कि उनका बेटा शेखर कश्यप कम समय में राजनीति में अपनी अलग पहचान बना लेगा। साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले शेखर कश्यप ने अपनी मेहनत और सक्रियता के दम पर सामाजिक न्याय पार्टी में युवा चेहरा बनकर उभरने का सफर तय किया।
करीब दो वर्ष पूर्व गठित हुई सामाजिक न्याय पार्टी के गठन के साथ ही शेखर कश्यप पार्टी से जुड़ गए थे। संगठन में लगातार सक्रिय भूमिका निभाने और युवाओं के बीच पकड़ मजबूत होने के कारण उन्हें पार्टी के युवा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। कम समय में ही उन्होंने पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए प्रदेशभर में सक्रियता दिखाई और युवाओं के बीच अपनी अलग पहचान बनाई। क्षेत्रीय लोगों के अनुसार शेखर कश्यप बेहद मिलनसार और संघर्षशील स्वभाव के थे। साधारण परिवार से निकलकर राजनीति में प्रदेश स्तर तक पहुंचने को लोग उनकी मेहनत और लगन का परिणाम बता रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि शेखर कश्यप सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहते थे और क्षेत्र के युवाओं के बीच उनकी अच्छी पहचान थी। लोगों की मदद के लिए वह हमेशा आगे रहते थे।
सड़क पर जंप खाने के बाद हवा में 12 फीट उछली कार
नानौता। दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे पर दरियापुर गांव के पास सड़क पर जंप खाने के बाद कार करीब 12 फीट तक उछली थी। इस हादसे में दो सगे भाइयों और रिश्ते के चाचा की मौत के बाद कुआंखेड़ा गांव में मातम पसरा है। मृतकों के घरों पर लोगों की भारी भीड़ रही। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित होकर हाईवे किनारे करीब 12 फीट ऊंचे उछलकर पेड़ से जा टकराई थी। हादसा इतना भयावह था कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोग अंदर ही फंस गए। मौके पर पहुंचे राहगीरों और पुलिसकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद घायलों को बाहर निकाला। गांव में देर रात तक लोगों का तांता लगा रहा और हर आंख नम दिखाई दी।
चार भाइयों में सबसे बड़े थे शेखर कश्यप, दूसरे नंबर के अमन
चार भाइयों में मृतक शेखर कश्यप सबसे बड़े थे, जबकि अमन कश्यप दूसरे नंबर के थे। शेखर के आठ माह का बेटा व ढाई साल बेटी है। मृतक अमन के दो साल बेटी है। मृतक धर्मेंद्र कश्यप रिश्ते में शेखर का चाचा लगता है। उनकी शादी नहीं हुई थी।
-
वर्जन
दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे पर हादसे के बाद परिजन शवों को अपने साथ ले गए थे। उन्होंने किसी भी कानूनी कार्रवाई और पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया था।
अशोक सिसौदिया, सीओ गंगोह
दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे पर हादसे में क्षतिग्रस्त कार। संवाद
दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे पर हादसे में क्षतिग्रस्त कार। संवाद
दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे पर हादसे में क्षतिग्रस्त कार। संवाद