- आईएसबीटी देहरादून से 5:20 बजे चली रोडवेज की बस सहारनपुर बस अड्डा 7:05 पर पहुंची
- रिपोर्टर ने देहरादून से सहारनपुर तक रोडवेज बस में किया सफर, जाना हाल
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। एक्सप्रेसवे बनने के बाद भले ही दिल्ली से देहरादून 212 किलोमीटर का सफर ढाई घंटे का रह गया हो, लेकिन सहारनपुर से देहरादून जाने वाले बस यात्रियों को इसका लाभ अब भी नहीं मिल रहा। बस 60 किलोमीटर के सफर को पौने तीन घंटे में पूरा कर रही है। रिपोर्टर ने शुक्रवार को देहरादून आईएसबीटी से सहारनपुर तक का सफर किया।
बस शाम 5:20 बजे देहरादून आईएसबीटी से चली। पहाड़ियों के बीच एलिवेटेड रोड पर चढ़ने के बाद करीब तीन किलोमीटर तक बस की रफ्तार इतनी कम थी कि यात्रियों द्वारा चिल्लाकर पूछना ही पड़ा कि बस इसी गति से चलेगी क्या। इसके बाद जैसे ही एलिवेटेड सड़क पर ढलान शुरू हुआ, तब बस ने गति पकड़ी। एलिवेटेड रोड खत्म होते ही बस गणेशपुर टोल के पास से पुराने रोड पर आ गई, जो बिहारीगढ़, छुटमलपुर आदि से गुजरता है।
बस इसी मार्ग पर यात्रियों को उतारते और नए यात्रियों को बैठाते हुए निकली। बस की अधिकतम गति करीब 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटा रही। गणेशपुर से सहारनपुर रेलवे रोड स्थित बस अड्डे तक यही स्थिति रही। बस अड्डे पर बस शाम 7:05 बजे पहुंची। यानी 60 किलोमीटर का सफर पौने तीन घंटे में पूरा किया। जबकि सहारनपुर से कार द्वारा एक्सप्रेसवे का सफर करें तो एक से सवा घंटे यह दूरी पूरी हो जाती है।
महिला यात्रियों की स्थिति
हर क्षेत्र में महिला आरक्षण की बात उठती है, लेकिन बसों में महिलाओं का आरक्षण आज भी 52 सीटर बस में वही तीन सीट ही हैं। जिस बस का लाइव किया गया आईएसबीटी देहरादून से उसमें कुल 54 सवारी चढ़ीं। इनमें 38 पुरुष और 16 महिलाएं थीं। महिला यात्रियों द्वारा सामान्य सीटों पर बैठने के बावजूद एक युवती को खड़े होकर सफर करते देखा गया। बिहारीगढ़ से एक महिला चढ़ी, जिसे गागलहेड़ी आकर सीट मिली। यही नहीं, महिला परिचालक की सीट पर भी आईएसबीटी से गणेशपुर तक एक युवक सफर करता आया।
- नेटवर्क की समस्या से टिकट में होती है जद्दोजहद
पहाड़ियों के बीच एलिवेटेड रोड पर आते ही इंटरनेट गायब हो जाता है। इससे किराये का ऑनलाइन भुगतान करने वालों को समस्या हो रही है। इसीलिए परिचालक सबसे पहले ऑनलाइन वालों का टिकट काटते हैं। इसके बावजूद बस में एक यात्री के खाते से तो 124 रुपये कट गए, लेकिन टिकट नहीं निकला। परिचालक बार-बार दोबारा भुगतान करने को कहती रही। उनका कहना था कि जो पैसा कटा है वापस आ जाएगा, लेकिन यात्री मानने को तैयार नहीं था। पता चला कि नेटवर्क की समस्या को लेकर टिकट में अक्सर जद्दोजहद होती है। कुल मिलाकर एक्सप्रेसवे बन गया, लेकिन बस यात्रियों को इसका लाभ केवल पहाड़ियों के बीच से गुजर रहे करीब 20 किमी लंबे एलिवेटेड पर ही मिलता है। बाकी जगह बस पुराने रोड पर ही दौड़ती है।
रोडवेज बस में सीट न मिलने पर देहरादून से सहारनपुर तक खड़ी होकर सफर करती युवती।
रोडवेज बस में सीट न मिलने पर देहरादून से सहारनपुर तक खड़ी होकर सफर करती युवती।