सहारनपुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर हुए मतदान के दौरान जहां प्रत्याशी और उनके समर्थक मतदान केंद्रों का भ्रमण करते रहे, वहीं सोशल मीडिया को भी हथियार बनाकर मतदाताओं को खूब साधा गया। प्रत्याशी व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से मतदाताओं से अपने पक्ष में वोट करने की अपील करते रहे।
खासकर युवाओं ने सोशल मीडिया का खूब सहारा लिया। जनपद में 884 ग्राम प्रधान पदों, 11262 ग्राम पंचायत सदस्यों, 1207 क्षेत्र पंचायत सदस्यों और 49 जिला पंचायत सदस्य पदों के लिए बृहस्पतिवार को मतदान हुआ। मतदाताओं को अपने पक्ष में लाने के लिए प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने सोशल मीडिया का सहारा लिया। बाकायदा पहले से ही व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए थे, जिन पर सुबह से शाम तक प्रत्याशी अपने-अपने पक्ष में वोट डालने की अपील करते रहे, साथ ही अपने चुनाव चिह्न के बारे में भी अवगत कराते रहे। दो दिन पहले प्रचार बंद होने के बाद से ही सोशल मीडिया पर प्रत्याशी और उनके समर्थक ज्यादा सक्रिय हो गए थे।
पुलिस के रडार पर रहे ग्रुप
सहारनपुर। प्रत्याशियों द्वारा बनाए करीब तीन हजार ग्रुपों पर पुलिस की भी नजर रही। पुलिस ने इन ग्रुपों को पहले ही चिह्नित किया था। इसके लिए समस्त थाना प्रभारियों को गांव-गांव में सोशल मीडिया बनाए ग्रुपों पर नजर रखने के निर्देश एसएसपी ने दिए। चौकीदारों और मुखबिर तंत्रों को भी सक्रिय किया गया था। ग्रुप पर कोई आपत्तिजनक पोस्ट न डाल दे। इसलिए पुलिस ने पैनी नजर रखी।
सुरक्षा चक्र रहा मजबूत, अफसर भी लेते रहे जायजा
सहारनपुर। मतदान के दौरान जिले भर में सुरक्षा तंत्र मजबूत रहा। छिटपुट घटना को छोड़कर मतदान सकुशल संपन्न हो गया। एसएसपी डॉ. एस चनप्पा, एसपी सिटी राजेश कुमार और एसपी देहात अतुल शर्मा ने भी विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया है। इसके अलावा संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरे से नजर रखी गई। जिले में 11 जोन, 113 सेक्टर 151 कलस्टर बनाए गए थे। सुरक्षा को लेकर पांच कंपनी पीएसी, पांच एएसपी, 12 सीओ, 60 निरीक्षक, 750 उपनिरीक्षक, 400 हेड कांस्टेबल, 3500 कांस्टेबल, 884 चौकीदारों, 200 होमगार्डों के अलावा जनपद में करीब 10 हजार जवान मुस्तैद रहे। मतदान स्थलों पर चेकिंग भी की गई।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए मतदान सकुशल संपन्न हो गया है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स तैनात रही। सोशल मीडिया पर भी पुलिस ने नजर रखी। संवेदनशील इलाकों में पुलिस ज्यादा सक्रिय रही। मतदाताओं को किसी तरह की दिक्कत नहीं होने दी गई है। -- डॉ. एस चनप्पा, एसएसपी