नानौता में कैंडल मार्च निकालते शिया समाज के युवा और बच्चें
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नानौता (सहारनपुर)। शिया समुदाय के नौजवानों ने मौलाना सैय्यद असद अली के नेतृत्व में पाकिस्तान के पेशावर में जुमे की नमाज के दौरान हुए आत्मघाती हमले में नमाज के दौरान अपनी जान का नजराना पेश करने वाले बच्चों, बुजुर्गों और नौजवानों की आत्मा की शांति के लिए कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान मार्च में शामिल लोग पाकिस्तान मुर्दाबाद, इमरान खान मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए पाकिस्तान में शियाओं पर हो रहे जुल्म को रोकने की मांग कर रहे थे।
कैंडल मार्च के आखिर में मौलाना असद अली ने कहा कि शिया समुदाय हमेशा जुल्म और अत्याचार के खिलाफ खड़ा है। जुल्म दुनिया ए इंसानियत में किसी पर भी हो हम शिया उसके खिलाफ हमेशा आवाज बुलंद करते रहेंगे। मौलाना साहब ने पाकिस्तान एवं पाकिस्तानी सरकार को कोसते हुए कहा कि पाकिस्तान में शियाओं के ऊपर हो रहा जुल्म कब रुकेगा। मौलाना ने कहा कि नमाज की हालत में आत्मघाती हमला करने वाला या करवाने वाला सिर्फ और सिर्फ नामनिहाद मुसलमान है। इस्लाम कभी भी किसी के ऊपर जुल्म और अत्याचार करने की इजाजत नहीं देता। इस दौरान उर्दू शायर शौक रजा आब्दी, इम्तियाज हुसैन, सैय्यद फैय्याज अली, इसरार हुसैन पयाम आब्दी, सफदर आब्दी, अली जववाद हुसैनी, मुहम्मद हुसैन, नबी अख्तर, वसी हैदर, नकीब हैदर, बाकर रजा सहित काफी संख्या में शिया नौजवान और बच्चे मौजूद रहे।