छुटमलपुर। सोना सैयद माजरा गांव के एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे में सात लोगों की मौत के बाद एनएचएआई के अधिकारियों की नींद टूट गई। रातों-रात हादसे वाली जगह सर्विस रोड और अंडरपास के बीच की खाली जगह भरने के साथ ही रंबल स्ट्रिप बना दिए गए। अंडरपास के पास ग्लास स्क्रीन लगाए गए हैं। इसके साथ ही बंद ओवरब्रिज भी आनन-फानन में वाहनों के लिए खोल दिए गए।
बता दें कि शुक्रवार सुबह सवा नौ बजे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के अंडरपास पर हुए हादसे में सोना सैयद माजरा निवासी संदीप, उनकी मां रानी, बहन जूली, बहनाेई शेखर, भांजे अनिरुद्ध, मौसेरे भाई विपिन और भाई प्रदीप के ससुर उमेश की मौत हो गई थी। हादसे के वक्त एनएचएआई ने ओवरब्रिज बंद कर रखा था, जिस कारण वाहन सर्विस रोड से गुजर रहे थे। ग्रामीणों का कहना था कि यदि ओवरब्रिज खुला होता तो हादसा नहीं होता। इसे लेकर ग्रामीणों ने साढ़े तीन घंटे तक टोल प्लाजा के पास एक्सप्रेसवे पर जाम लगाकर रखा था। हादसे के बाद एनएचएआई ने आनन-फानन में सोना सैयद माजरा के साथ ही बंद किए हुए हरोड़ा ओवरब्रिज को भी वाहनों के लिए खोल दिया था। इस पर से शनिवार को भी दिन भर वाहन दौड़ते रहे।
इसके अलावा शुक्रवार रात में ही एनएचएआई ने हादसे वाली जगह पर रंबल स्ट्रिप बनाने के साथ सर्विस रोड और अंडरपास के बीच की खाली जगह को भरते हुए वहां पर सड़क बना दी। इतना ही नहीं अंडरपास के दोनों तरफ ग्लास स्क्रीन लगा दी गई। हरोड़ा अंडरपास पर भी रंबल स्ट्रिप बनाने के साथ ही ग्लास स्क्रीन लगाने का काम किया जा रहा था। डिप्टी प्रोजेक्टर मैनेजर देवेंद्र कुमार खुद इस काम की माॅनिटरिंग कर रहे थे। उन्होंने बताया कि चमारीखेड़ा अंडरपास के पास भी यह कार्य कराया जाएगा।