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बेबस बिटिया: मेडिकल स्टाफ की निगरानी में छह माह की गर्भवती बालिका, गर्भपात संभव नहीं, दसवीं का छात्र है आरोपी

Fri, 09 Aug 2024 03:52 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर

सार

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कक्षा सात में पढ़ने वाली एक छात्रा से उसी के गांव के कक्षा दस में पढ़ने वाले छात्र ने दुष्कर्म किया और धमकी दी कि किसी को बताया तो जान से मार देगा। किशोरी की हालत बिगड़ी तो पता चला कि वह छह माह की गर्भवती है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चिलकाना क्षेत्र के एक गांव में सातवीं कक्षा की छात्रा से दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप दसवीं कक्षा के छात्र पर है। पूरे मामला का पता तब चला, जब छात्रा छह माह की गर्भवती हो गई। पुलिस ने छात्रा को मेडिकल के लिए भेज दिया। पीड़ित पक्ष की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।

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घटना के छह माह बाद परिजनों को छात्रा के गर्भवती होने का पता चला तो परिजन सदमें में आ गए। इस घटना के बाद से पीड़ित परिवार भी परेशान है। किशोरी का गर्भ ज्यादा दिन का होने के कारण गर्भपात संभव नहीं है। चिकित्सकों का कहना है कि यदि प्रसव कराएं भी तो इतनी कम उम्र में छात्रा को तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। वह जिंदगी भर इस दर्द को नहीं भूल पाएगी।

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महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. इंद्रा सिंह का कहना है कि एक तरफ बच्ची की उम्र कम है तो दूसरी तरफ गर्भ को ज्यादा समय हो चुका है। ऐसे में गर्भपात कराना खतरे से खाली नहीं है।

इसके अलावा गर्भपात कराने के लिए अदालत की अनुमति जरूरी है। प्राथमिक तौर पर ऐसी स्थिति में प्रसव ही कराया जाता है, लेकिन इसमें बच्ची में शारीरिक दिक्कतों के अलावा मानसिक तौर पर भी मजबूत होना होगा।

ये है पूरा मामला
थाना क्षेत्र के गांव निवासी किशोरी(13) कक्षा सात में पढ़ रही है। छात्रा के पिता का निधन 22 जनवरी को हो गया था। 25 जनवरी की देर शाम छात्रा अपने घेर में जा रही थी। रास्ते में पड़ोस में रहने वाले एक किशोर ने उसे पकड़ लिया और पास की एक सुनसान जगह पर ले जाकर दुष्कर्म किया। किशोर ने छात्रा को धमकी दी कि यदि किसी को कुछ बताया तो वह उसे जान से मार देगा। इस कारण छात्रा ने परिवार से कुछ नहीं बताया।

दो दिन पहले किशोरी की तबीयत खराब हो गई। उसे उल्टी एवं बुखार हुआ, तो छात्रा की मां ने अपनी ननद को बताया। ननद के साथ बेटी को किसी डॉक्टर के पास दिखाने के लिए ले गई। महिला डॉक्टर ने बताया कि किशोरी छह महीने की गर्भवती है। यह सुनकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। जब महिला ने अपनी बेटी से हकीकत पूछी तो उसने पूरा घटनाक्रम बता दिया। महिला ने अपनी बेटी के साथ दुष्कर्म के आरोपी किशोर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।

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बच्चों के साथ दोस्ताना व्यवहार रखें परिजन
मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. अमरजीत पोपली का कहना है कि ऐसी उम्र में बच्चे नादान होते हैं। उन्हें अच्छे और बुरे की समझ इतनी नहीं होती। इसलिए माता-पिता को बच्चों के साथ दोस्ती वाला माहौल रखना चाहिए। बच्चे को लगना चाहिए कि अगर उसके साथ कुछ हुआ है तो माता-पिता को बताने में उसे डर नहीं लगेगा। इस प्रकरण में परिजनों को बच्ची के साथ रहकर उसका हौसला बढ़ाना होगा। उसे विश्वास दिलाना होगा कि परिवार के साथ सुरक्षित है और हर परिस्थिति का सामना कर सकती है।
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