तीतरों। निर्माणाधीन शामली-अंबाला हाईवे पर बाल्लू गांव में लिंटर का पैनल गिरने से साइट इंजीनियर विमल कुमार (27) पुत्र ओमप्रकाश की मौत हो गई। कर्मचारियों ने आरोप लगाया पैनल में लॉक सिस्टम नहीं लगा था, जिस कारण यह हादसा हुआ। वहीं, परिजन बिना किसी कार्रवाई के साइट इंजीनियर के शव को लेकर चले गए।
मूलरूप से गंगोह के मुबारिकपुर गांव निवासी विमल कुमार का परिवार काफी समय से मुजफ्फरनगर के खतौली में रहता है। विमल कुमार निर्माणाधीन शामली-अंबाला हाईवे पर बतौर साइट इंजीनियर कार्यरत थे। रविवार देर शाम वह नियमित कार्यों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान हाईवे की मिट्टी रोकने के लिए लगाए गए सीमेंट के दो लिंटर पैनल उनके ऊपर गिर गए। दोनों पैनल में लॉक नहीं लगा था। मौके पर मौजूद कर्मचारी अरमान, अब्दुल, मुज्जमिल, संदीप आदि ने उठाने का प्रयास किया, लेकिन भारी भरकम वजन होने के कारण पैनल नहीं हटा सके। कर्मचारियों ने हाईड्रा से लिंटर पैनल हटवाकर साइट इंजीनियर को बाहर निकाला। तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। हादसे की सूचना पर हाईवे अथॉरिटी के अधिकारी सुजीत सिंह और कंस्ट्रक्शन इंजीनियर संदीप कुमार मौके पर पहुंचे। विमल कुमार के बड़े भाई विक्की कुमार भी यहीं पर सीनियर इंजीनियर के पद पर हैं। वह मौके पर पहुंचे।
लॉक सिस्टम होता तो बच सकती थी जान
हाईवे पर कार्यरत कर्मचारियों ने बताया कि हाईवे चैनिज नंबर 23 पर हुआ हादसा अथाॅरिटी की लापरवाही है। पैनल को सपोर्ट करने के लिए लाॅक सिस्टम लगाया जाता है, जिससे पैनल अपनी जगह से खिसक न जाए, लेकिन अधिंकाश पैनलों पर लाॅक नहीं लगाए जा रहे हैं। यदि पैनल को रोकने के लिए लाॅकिंग की गई होती तो इंजीनियर की मौत नहीं होती। हाईवे अथाॅरिटी की घोर लापरवाही से कर्मचारी जान जोखिम में डालकर निर्माण कार्य कर रहे है।
शादी के लिए देख रहे थे लड़की
इंजीनियर के ग्राम बाल्लू निवासी फूफा श्रीपाल सैनी ने बताया कि विमल कुमार अविवाहित थे, जो पिछले कुछ समय से ही यहां पर नौकरी कर रहे थे। परिजन उनकी शादी के लिए लड़की देख रहे थे। इसकी जिम्मेदारी भी रिश्तेदारों को सौंपी गई थी, लेकिन क्या पता था जिसकी शादी की तैयारियां की जा रही है वह इतनी जल्दी छोड़कर चला जाएगा।
हादसे के बाद मौके पर गए थे, लेकिन हादसे की क्या वजह रही इस बारे में उच्च अधिकारी ही जानकारी दे सकते हैं। परिजनों को बुलाकर शव उनके सुपुर्द किया गया है।
- संदीप कुमार, कंस्ट्रक्शन इंजीनियर
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एक्सप्रेस-वे पर भी गिर चुके हैं गर्डर
निर्माणाधीन दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे पर 23 मार्च की रात्रि बड़गांव के गांव मोरा के समीप गंगनहर का फ्लाईओवर बनाते वक्त पांच सीमेंटेड गर्डर एक के बाद एक नीचे गिर कर टूट गए थे। इनकी चपेट में आकर दो मजदूर घायल हो गए थे।