अपने आप को जीवित बताकर शिकायत करता ग्रामीण।
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सहारनपुर के रामपुर मनिहारान में संपूर्ण समाधान दिवस पर प्रशासनिक अधिकारी उस समय अचरज में पड़ गए जब एक किसान ने अपना शिकायती पत्र देकर कहा कि तहसील प्रशासन ने उसे मृत घोषित कर दिया है जबकि वह उनके सामने जिंदा खड़ा है।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने इस मामले में प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। मामला तहसील क्षेत्र के गांव महेशपुर का है।
इस गांव के किसान कंवरपाल पुत्र मोहर सिंह को तत्कालीन तहसील के राजस्व निरीक्षक रामपाल ने खसरा खतौनी में एक वर्ष पूर्व मृत दर्शाकर संजीव, संदीप और निरंजन को उसका वारिस बना दिया।
हैरत की बात यह है कि जिन्हें वारिस बनाया गया है, उनका उससे कोई लेना देना नहीं है। एक वर्ष से कंवरपाल तहसील प्रशासन के चक्कर काट रहा है कि वह जिंदा है, उसकी मौत नहीं हुई है।
यही नहीं कंवरपाल ने तहसील प्रशासन को अपना आधार कार्ड, पहचान पत्र आदि सब दिखाए मगर उसकी सुनवाई नहीं की गई है। मंगलवार को कंवरपाल अपनी शिकायत लेकर एडीएम (एफ) विनोद कुमार शर्मा और एसडीएम राकेश कुमार गुप्ता के समक्ष अपनी शिकायत रखी।
अधिकारियों ने जब राजस्व निरीक्षक को तलब किया तो पता चला कि उसका तबादला हो गया है। उनके स्थान पर आए राजस्व निरीक्षक से जब इस संबंध में जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है।
एडीएम (एफ) ने राजस्व निरीक्षक को निर्देश दिए कि एक सप्ताह में इस प्रकरण का निस्तारण कर रिपोर्ट पेश की जाए। तहसीलदार रमेश चंद ने बताया कि गांव के दो लोगों के एक ही नाम का होने के कारण यह गलती हुई है। गलती में सुधार किया जा रहा है।