गंगोह। अनाज मंडी गंगोह इन दिनों धान की भारी आवक से चमक रही है, लेकिन सरकारी धान खरीद केंद्रों पर सन्नाटा पसरा है। धान खरीद का कार्य शुरू हुए डेढ़ महीने से अधिक समय हो चुका है। अब तक मात्र 47 कुंतल धान की खरीद हो पाई है।
मंडी स्थित दोनों सरकारी केंद्रों को 2,000 कुंतल खरीद का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन वर्तमान हालात में यह लक्ष्य दूर नजर आ रहा है। धान खरीद केंद्रों पर किसानों के न पहुंचने से दोनों केंद्रों के कर्मचारी खाली बैठे हैं। धान खरीद केंद्र इंचार्ज नीरज कुमार और रजनीश कुमार का कहना है कि किसान सरकारी केंद्रों पर धान लेकर नहीं आ रहे हैं। इसका प्रमुख कारण बाजार में धान की ऊंची कीमतें हैं। रविवार को मंडी में धान 2,800 रुपये प्रति कुंतल तक बिका, जबकि सरकारी समर्थन मूल्य कॉमन धान के लिए 2,300 रुपये और ग्रेड-ए धान के लिए 2,320 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित है।
कीमतों के इस अंतर ने किसानों को मंडी में व्यापार करने के लिए प्रेरित किया है। मंडी सचिव अवनीश कुमार ने बताया कि इस समय मंडी में 1509 धान, तुड़ल बासमती और सरबती बासमती की अधिक आवक हो रही है। बताया कि क्षेत्र में सामान्य धान की बुवाई भी बेहद कम हुई है, जिसके कारण सरकारी खरीद केंद्रों पर धान की आवक सीमित रह गई है।