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फ्रांस से लौटी युवती में कोरोना के लक्षण, भर्ती किया

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जिला अस्पताल में बने आइसोलेशन वार्ड के बाहर बैठक करते सीएमओ, सीएमएस और स्टाफ। - फोटो : SAHARANPUR
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फ्रांस से लौटी युवती में कोरोना के लक्षण, भर्ती किया
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सहारनपुर। कोरोना का खतरा देश में बढ़ता जा रहा है। वहीं जिला अस्पताल में भी मरीज बढ़ रहे हैं। खांसी, जुकाम, बुखार के मरीज आ रहे हैं और कोरोना का खतरा जताते हुए जांच की मांग कर रहे हैं। बुधवार को फ्रांस से लौटी मां-बेटी इलाज कराने के लिए एसबीडी जिला अस्पताल पहुंचीं। संदिग्ध लक्षण देखते हुए बेटी को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया, जबकि मां को घर भेज दिया।
कोरोना के खतरे को देखते हुए बुधवार को एक के बाद एक संदिग्ध जिला अस्पताल पहुंचते रहे। दुबई से लौटा युवक अपनी बहन के साथ आया। उसने बहन को हल्का जुकाम बताया। अधिकारियों ने दोनों बहन-भाई को घर पर ही रहने की सलाह दी। इसके बाद श्रीलंका से लौटा युवक खांसी, जुकाम और बुखार की शिकायत लेकर पहुंचा। बाद में मुंबई से लौटा युवक भी जांच कराने आया। तीनों को घर रहने के लिए कहा गया।
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नमूने लेकर जांच को लखनऊ भेजे
फ्रांस से घूमकर सहारनपुर लौटीं मां-बेटी जिला अस्पताल पहुंची और कोरोना की आशंका जताते हुए जांच की मांग की। सीएमएस डॉ. एसके वार्ष्णेय ने बताया कि जांच के बाद मां को घर जाने के लिए कह दिया गया। जबकि संदिग्ध लक्षण देखते हुए करीब 25 वर्षीय युवती को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया। युवती के ब्लड के नमूने लेकर जांच के लिए लखनऊ भेज दिए गए हैं।
युवक को भर्ती नहीं किया तो पीएम, सीएम को किया ट्वीट
सिंगापुर से लौटे यात्री के संपर्क में आने के बाद खांसी, जुकाम और बुखार के लक्षण होने पर जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड पहुंचे युवक को चिकित्सकों ने घर में ही रहने की सलाह देते हुए लौटा दिया। इससे आहत युवक ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, डब्ल्यूएचओ आदि को ट्वीट कर शिकायत की।
सहारनपुर का युवक चंडीगढ़ के होटल में काम करता है। दिसंबर 2019 में वह श्रीलंका से लौटा था। चूंकि वह होटल में काम करता है तो देश-विदेश के लोगों के संपर्क में आता है। आठ मार्च को सिंगापुर का एक यात्री उसके घर पर ही ठहरा था। अब करीब पांच दिन से उसे खांसी, जुकाम और बुखार है। उसे सांस लेने में भी तकलीफ है। बुधवार को वह जांच कराने के लिए एसबीडी जिला अस्पताल पहुंचा। युवक का आरोप है कि अस्पताल के स्टाफ ने उससे खराब व्यवहार किया और इलाज भी नहीं किया।
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कोरोना के संदिग्धों की काउंसिलिंग के लिए हमारे पास काउंसलर नहीं हैं। नोडल अधिकारी शिवांका गौड़ ही काउंसिलिंग कर रही हैं। किस मरीज को कहां भर्ती करना है, जांच करानी है और किसको घर रहने की सलाह देनी है, यह जिम्मेदारी सीएमओ और नोडल अधिकारी ही की है।
- डॉ. एसके वार्ष्णेय, सीएमएस
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