श्री राम कथा में राम-सीता विवाह के दौरान मिष्ठान वितरण करते कथा वाचक
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गंगोह (सहारनपुर)। कथा वाचक सुभाष बहुगुणा ने कहा श्रीराम कथा तन-मन को पवित्र कर उज्ज्वल करने के साथ-साथ जीवन शैली और आत्मा को नया रूप देती है। इस अवसर पर राम-सीता विवाह भी संपन्न किया गया।
मोहल्ला कानून गोयन स्थित होली चौक पर चल रही श्रीराम कथा में कथा व्यास ने कहा कि रामकथा का आनंद तभी है, जब वक्ता और श्रोता दोनों सुर, लय, ताल मिलाकर कथा का रसपान करें। प्रेम प्रकट हो जाए तो परमात्मा खुद प्रकट हो जाएंगे। प्रेम के बिना जीवन का कोई अर्थ नहीं है। बहुगुणा ने कहा रामकथा का महत्व हमेशा से है और आगे भी रहेगा। यह भगवान की लीला, चरित्र व गुणों की गाथा है। इसके श्रवण और कथन के प्रति हमेशा एक नवीनता का भाव बना रहता है।
भगवान राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के चरित्र में प्रदर्शित त्याग और तपस्या की बातों को निरंतर श्रवण करते रहने से सुनने वाले के अंदर भी ऐसे ही महान गुणों का समावेश हो जाता है। बाल कलाकारों ने मनमोहक झांकी निकालकर श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर किया। इस मौके पर राम-सीता विवाह का आयोजन किया। श्रद्धालुओं ने नाचते गाते आनंद लिया।