शहीद निशांत शर्मा का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ।
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में सोमवार को राजकीय सम्मान के साथ शहीद निशांत शर्मा का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान जब तक सूरज चांद रहेगा, निशांत तेरा नाम रहेगा। वंदे मातरम, भारत माता की जय और पाकिस्तान मुर्दाबाद के जमकर नारे लगे। वहीं जिले के अधिकारियों ने पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
शहीद निशांत शर्मा का पार्थिव शरीर रविवार देर रात उनके घर न्यू शारदानगर में पहुंचा। वहीं सोमवार सुबह होते ही उनकी कॉलोनी में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। इसके बाद दोपहर में अंबाला रोड स्थित श्मशान घाट पर ले जाकर गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सेना के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और गण्यमान्य लोगों ने श्रद्धांजलि दी।
वहीं पति की अंतिम विदाई से पहले पत्नी सोनम बेहोश हो गई। पत्नी रोते हुए बोली कि मुझे भी ताबूत में बंद कर दो, इनके साथ ही जाऊंगी। श्रद्धांजलि के समय सोनम ने निशांत की तस्वीर उठा ली और जोर- जोर से रोने लगी। रविवार रात में भी सोनम तिरंगे से लिपटे ताबूत के पास बैठकर घंटों तक रोती रहीं।
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जम्मू कश्मीर के राजौरी सेक्टर में सीमा पार से की गई फायरिंग में सहारनपुर के सपूत नायक निशांत शर्मा घायल हो गए। 18 जनवरी को निशांत शर्मा को ऊधमपुर स्थित कमांड अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार सुबह निशांत ने अंतिम सांस ली।
शहर के मोहल्ला न्यू शारदानगर की गली नंबर 41 में रहने वाले 34 वर्षीय निशांत शर्मा 61 राष्ट्रीय रायफल जाट रेजिमेंट में तैनात थे। इन दिनों उनकी तैनाती राजौरी सेक्टर में थी। निशांत के पिता जोगेंद्र शर्मा चीनी मिल से सेवानिवृत्त कर्मी हैं। वहीं छोटा भाई शुभम भी सैनिक है और मेरठ में तैनात है।
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