सहारपपुर के बड़गांव के शब्बीरपुर गांव में बवाल के तीसरे दिन भी गलियों में सन्नाटा पसरा रहा। गिरफ्तारी के डर से लोग अपने घर छोड़कर फरार हो गए हैं। गांव में महिलाएं भी घरों से बाहर नहीं निकल रही हैं। हालांकि रविवार को कोई गिरफ्तारी नहीं हो पाई।
बता दें कि गांव में बवाल के बाद पुलिस ने दर्ज किए आधा दर्जन मुकदमों में डेढ़ सौ से अधिक को नामजद करते हुए साढ़े सात सौ से ज्यादा अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
ऐसे में नामजद लोगों के साथ ही दूसरे ग्रामीण भी अज्ञात में गिरफ्तारी के डर से गांव से अन्यत्र कहीं चले गए हैं। गांव की गलियों में चप्पे चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात है। गांव में अघोषित कर्फ्यू जैसे हालात हैं।
बवाल के बाद गांव की महिलाएं और बच्चे अभी तक दहशत से उबर नहीं पाए हैं। वे घरों से भी बाहर नहीं निकल रहे हैं। आलम हैं कि गांव में घरेलू सामान बेचने आने वाले फेरीवाले नहीं आ रहे हैं। कुछ परिवारों की तो महिलाएं भी यहां से रिश्तेदारी में चली गई हैं। गांव की गलियों में केवल पुलिस की बूटों की आवाजें ही आ रही है।
उधर, रविवार की सुबह बदला लेने के लिए दूसरे पक्ष के मकान जलाने की धमकी देने वाले एक युवक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उधर, धमकी पर गुस्साई एक पक्ष की महिलाएं एकत्र हुई और पुलिस का घेराव किया।
गांव में मौजूद आला अधिकारियों से वार्ता की मांग की। हालांकि गांव में बैठे एसपी देहात ने इस दौरान महिलाओं की बात सुनना भी गंवारा नहीं समझा।
रविवार की सुबह एक पक्ष के युवक ने बदला लेने के लिए दूसरे पक्ष के मकान जलाने के लिए पांच युवकों के आने की धमकी देकर एक बार फिर गांव का माहौल खराब करने की कोशिश की।
पुलिस ने गांव के दलित सतबीर पुत्र नयादर को हिरासत में ले लिया। उधर, घरों में आग लगाने की धमकी पर गुस्साई महिलाओं ने घरों से बाहर निकल कर गश्त कर रही पुलिस का घेराव किया।
कुछ ग्रामीणों ने डीजीपी के सामने बात रखने की बात कहकर महिलाओं को शांत किया। दोपहर में डीजीपी के नहीं आने पर महिलाओं ने पुलिस का घेराव किया।
पुलिसकर्मियों ने गांव में मौजूद एसपी देहात रफीक अहमद को जानकारी दी, लेकिन उन्होंने मौके पर आना गंवारा नहीं समझा। उधर एसओ मुनेंद्रपाल सिंह का कहना हैं कि आग लगाने की धमकी देने वाले युवक ने शराब पी रखी थी। उसे तुरंत ही हिरासत में ले लिया गया।