सहारनपुर में सांसद राघव लखनपाल शर्मा के नेतृत्व में प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी से मिले भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने शब्बीरपुर की घटना की निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
उन्होंने कहा कि जो भी दोषी हो, उसे बख्शा नहीं जाना चाहिए। सांसद ने कहा कि वह और उनकी पार्टी सबका साथ, सबका विकास की सोच के साथ काम कर रही है। मगर कुछ असामाजिक तत्व माहौल खराब कर सरकार को बदनाम करना चाहते हैं।
शब्बीरपुर में जो हुआ वह निंदानीय है। एक ओर एक युवक की जान चली गई और दूसरी ओर घर जला दिए गए। ऐसी घटनाओं को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
पुलिस और प्रशासन को निष्पक्ष जांच कर घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को चिन्हित कर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। मिलने वालों में रामपुर मनिहारान विधायक देवेंद्र निम, गंगोह विधायक प्रदीप कुमार, पूर्व विधायक महावीर राणा, मनोज चौधरी, राजीव गुंबर, जिलाध्यक्ष बिजेंद्र कश्यप आदि शामिल रहे।
प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी से मिले बसपाइयों ने आरोप लगाया कि उपद्रवी भाजपा की आड़ में भगवा पटकाधारी माहौल खराब कर रहे हैं। ऐसे लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई किया जाना जरूरी है।
आरोप लगाया कि भाजपा शासन में दलित और मुस्लिमों के उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ी हैं। जोन कॉर्डिनेटर नरेश गौतम और शाजान मसूद ने शब्बीरपुर की घटना की निंदा करते हुए दोषियों के विरुद्घ कार्रवाई की मांग की।
आरोप लगाया कि पुलिस दबाव में निर्दोष दलितों के विरुद्घ मुकदमे दर्ज कर रही है। कहा कि सड़क दूधली की घटना को भी भगवाधारियों ने ही अंजाम दिया था और अब शब्बीरपुर में भी यही जिम्मेदार रहे।
पूर्व विधायक महीपाल सिंह माजरा, पूर्व विधायक जगपाल सिंह और जिलाध्यक्ष जनेश्वर प्रसाद ने कहा कि बिना अनुमति के शोभायात्रा निकाली गईं, जिसकी वजह से फसाद हुआ।
इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि माजिद अली, एसआलम, डॉ. आरिफ, प्रताप सिंह, कुलदीप बालियान, बबलू मियां जैदी, इमरान, रियाज अहमद आदि शामिल रहे।
सपा नेताओं ने रविवार को नगर विधायक संजय गर्ग के नेतृत्व में प्रदेश के पुलिस महानिदेशक सुलखान सिंह व प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पांडा से सर्किट हाउस में मुलाकात की।
नगर विधायक संजय गर्ग ने कहा कि भाजपाई धार्मिक उन्माद फैला रहे हैं। सड़क दूधली और शब्बीरपुर की घटना सौहार्द के लिए बड़े खतरे से कम नहीं हैं। दोनों घटनाओं में प्रशासन के निचले स्तर के अधिकारियों से चूक हुई है।
सड़क दूधली में भाजपा सांसद के गनर ने गोली चलाई। उसके बाद बलवाइयों ने एक खास वर्ग कि दुकानों में तोड़फोड़ की। उन्होंने दोनों अधिकारियों का ध्यान सोशल मीडिया पर जारी धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली वीडियो कि तरफ भी दिलाया।
प्रतिनिधिमंडल ने दोनों घटनाओं में पीड़ित लोगों को मुआवजा दिलाए जाने की भी मांग की। प्रतिनिधिमंडल में जिलाध्यक्ष जगपाल दास, महानगर प्रभारी आजम शाह, पूर्व मंत्री सरफराज खान, योगेश गुप्ता, सैयद हस्सान, फैसल सलमानी, महमूद सलमानी शामिल रहे।
कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद ने प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी को बताया कि शब्बीरपुर घटना में उपद्रवियों ने न केवल दलितों के घरों को आग के हवाले कर दिया, बल्कि महिलाओं और लड़कियों के साथ बदसलूकी भी की।
उन्होंने लोगों के पुनर्वास के साथ ही घटना की जांच कराकर दोषियों के विरुद्घ कार्रवाई करने की मांग की। इमरान ने कहा कि गुंडागर्दी पर रोक लगाई जानी चाहिए।
अधिकारियों को बताया कि शब्बीरपुर में 55 घरों को आग के हवाले कर दिया गया। लोगों का सबकुछ जलकर नष्ट हो गया है। बच्चों की किताबें और यूनिफॉर्म तक नहीं बची है।
महिलाओं और लड़कियों के साथ बदसलूकी की गई है। जिनका घर जले हैं उनके पुनर्वास और भोजन की व्यवस्था प्रशासन को करनी चाहिए। उन्होंने मृतक के परिजनों और जिनके घर जले हैं उनको मुआवजा दिलाने की मांग की।
साथ ही घायलों के बेहतर इलाज को भी कहा। कहा कि यदि शासन और प्रशासन यह काम नहीं करता है तो वह लोगों से चंदा इकट्ठा कर दोनों पक्ष के पीड़ितों की मदद करेंगे।