सहारनपुर। वायु सेना में जामनगर गुजरात में सार्जेंट के पद पर तैनात रहे जिले के एक गांव निवासी ललित कुमार को अपनी बेटी के साथ दुष्कर्म का दोषी पाए जाने पर अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या 15 (पॉक्सो एक्ट ) राजेश कुमार ने दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। उन पर 52 हजार रुपये के अर्थदंड भी लगाया गया है। वह बीते छह साल से जेल में हैं।
अभियोजन के अनुसार 15 मई 2016 को ललित कुमार की पत्नी ने उसे 11 साल की बेटी के साथ अश्लील हरकत करते हुए देखा था। 2 जून 2016 को उसकी की पत्नी ने एसएसपी सहारनपुर को पत्र लिखकर अपने पति पर पुत्री के साथ दुष्कर्म का आरोप लगाया, जिसके आधार पर थाना कोतवाली देहात में ललित कुमार के खिलाफ दुष्कर्म और 5 / 6 पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज हुआ। ललित कुमार तभी से जेल में है। सहायक शासकीय अधिवक्ता राजवीर सिंह व चंचल पुंडीर ने बताया की पुलिस ने विवेचना उपरांत अभियुक्त के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई के उपरांत साक्षी और गवाहों के आधार पर दोषी पाते हुए अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या 15 राजेश कुमार ने अभियुक्त ललित को दोषी करार दिया। कोर्ट ने उसे दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट में दस वर्ष के कारावास और 52 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
एससी एसटी तीन भाइयों को उम्रकैद
सहारनपुर। एससी-एसटी एक्ट में दोषी पाए जाने पर ग्राम डेहरा थाना देवबंद निवासी तीन सगे भाइयों को अपर सत्र न्यायाधीश एससीएसटी कोर्ट वीके लाल ने आजीवन कारावास व 21 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
अभियोजन के अनुसार 11 मार्च 2016 को ग्राम डेहरा निवासी धर्म सिंह अपने घर पर मौजूद था, तभी गांव के ही रहने वाले जगराम के लड़के भूषण, इसम व मच्छर ने धर्म सिंह के घर पर आकर गालियां दीं। धर्म सिंह ने विरोध किया तो इसम सिंह ने उसके सिर पर बारी से वार कर दिया, जिससे धर्म सिंह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। घटना की रिपोर्ट धर्म सिंह के पिता दयाराम ने थाना देवबंद में दर्ज कराई। पुलिस ने हत्या के प्रयास और 3/ 2 / 5 एससी एसटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज की। इलाज के दौरान धर्म सिंह की मृत्यु हो जाने पर मुकदमे को 304 में परिवर्तित किया गया। सहायक शासकीय अधिवक्ता दीपक सैनी ने बताया की पुलिस ने विवेचना उपरांत तीनों भाइयों के खिलाफ आरोप पत्र पेश किया। मामले की सुनवाई के उपरांत साक्षी और गवाह के आधार पर दोषी पाते हुए अपर सत्र न्यायाधीश एससीएसटी कोर्ट वीके लाल ने तीनों भाइयों को गैैैर इरादतन हत्या में दस साल की सजा से दंडित किया है। एससीएसटी एक्ट में आजीवन कारावास और 21 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।