सहारनपुर के नकुड़ में उत्तर भारत के राज्यों में वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर पर पहुंचने के मद्देनजर जहां एनजीटी ने हरियाणा और पंजाब में किसानों द्वारा पराली जलाने तक पर रोक के सख्त निर्देश दिए हुए हैं, वहीं क्षेत्र में दिन रात बड़े पैमाने पर रबड़ व पुराने टायर काटकर ईंट भट्ठों पर जलाए जाते हैं और प्रदूषण विभाग इस ओर से आंखें मूंदे बैठा है।
प्रदूषण विभाग की मिलीभगत के चलते नकुड़ क्षेत्र में ईंट भट्ठों पर एनजीटी के आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए धड़ल्ले से रबड़ व पुराने टायरों को काटकर जलाया जाता है। भाकियू के पूर्व मंडल उपाध्यक्ष चौ. विक्रमसिंह व चौ. देवीसिंह ने बताया कि अकेले नकुड़ क्षेत्र में ही कस्बे के आसपास ऐसे दर्जनों बड़े-बड़े गोदाम हैं जहां पर पुराने टायरों व रबड़ के जूते-चप्पलों आदि को बाहर से मंगाकर दिन रात काटने का कार्य किया जाता है।
इन गोदामों से इस रबड़ को ईंट भट्ठों पर सप्लाई किया जाता है। उनका कहना है कि ईंट भट्ठों पर जल रही इस रबड़ का धुआं पराली व कोल्हुओं आदि से निकलने वाले धुएं से कई गुना अधिक खतरनाक होता है। उन्होंने डीएम से इसकी जांच कर कार्रवाई की मांग की है।