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आज नहीं बचाओगे जल, तो गंभीर होगा कल

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आज बचाएंगे जल तो बेहतर होगा कल
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। जल के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। जिले में गिरता भूजल स्तर चिंता का विषय है। तमाम संस्थाएं लोगों को जल बचाने के प्रति जागरूक कर रही हैं, लेकिन इसके बाद भी नागरिकों की लापरवाही देखने को मिलती है। वर्तमान की आवश्यकता है कि जल की एक-एक बूंद को बचाना होगा तभी भविष्य में जीवन सुरक्षित रहेगा।
रविवार को जल संसाधन दिवस मनाया गया। इस पर अमर उजाला ने शहर के प्रतिष्ठित लोगों से बात की तो सबने अपनी राय दी है। शहर के वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. पीडी गर्ग का कहना है कि जल बचाने की मुहिम को जन आंदोलन बनाने की जरूरत है। एक-एक व्यक्ति को इसके प्रति जागरूक होना होगा। जनक नगर स्थित एक स्कूल के प्रबंधक सौरभ सिंघल का कहना है कि जल के अत्यधिक दोहन को रोकना होगा। जल की बर्बादी भविष्य के लिए संकट पैदा करेगी। हमें उतना ही जल इस्तेमाल करें, जितने की जरूरत है। राधा विहार स्थित श्री औघड़दानी नर्मदेश्वर महादेव मंदिर के अधिष्ठाता स्वामी कालेंद्रानंद महाराज का कहना है कि जल बिना जीवन संभव नहीं है। कहा कि हमें तालाबों व नहरों को बचाने के साथ ही जल के अत्यधिक दोहन को रोकना होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि जल उतना ही इस्तेमाल करें, जितनी जरूरत है। जामा मस्जिद के प्रबंधक मौलाना मौलवी फरीद का कहना है कि जल बचाने को लेकर प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझकर आगे आना होगा। हमें नदियों को दूषित होने से भी बचाना होगा।
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वार्ड 46 से भाजपा पार्षद ज्योति अग्रवाल का कहना है कि समय-समय पर लोगों जल बचाने के प्रति कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं। सबसे पहले लोगों को जागरूक करना होगा। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. संजीव मिगलानी का कहना है कि जल को बचाने के घर-घर मुहिम चलनी चाहिए। इसके साथ ही शासन-प्रशासन को भी जल की बर्बादी करने वालों के खिलाफ ठोस कदम उठाने चाहिए। नदियां जीवन की लाइफलाइन है। इनको बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है। पीएनबी आरसेटी केंद्र सदस्य नेहा जिंदल का कहना है कि जब लोग जागरूक होंगे, तभी जल बच पाएगा। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष विनय कुमार का कहना है कि जल ही जीवन है। इसी मंत्र को आत्मसात कर हर व्यक्ति काम करेगा तो भविष्य में जल का संकट नहीं होगा। घंटाघर के कारोबारी मुकेश सेठी व आवास-विकास निवासी रोबिन सिंह ठकराल का कहना है कि प्रत्येक वर्ग का कर्तव्य है कि वह जल को बचाए। हर व्यक्ति को जल बचाने में अपना कर्तव्य समझना होगा। शिवाजी नगर निवासी शिक्षिका सांझी दहुजा के अनुसार लोगों को भविष्य में होने वाले संकट के प्रति गंभीर होना होगा। अगर अब नहीं संभले तो भविष्य में बेहद खतरनाक परिणाम होंगे।
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