स्पिक मैके द्वारा गॉड फील्ड पब्लिक स्कूल आयोजित कार्यक्रम में प्रस्तुति देते सरवर हुसैन सारंगी
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सहारनपुर। स्पिक मैके की ओर से गॉडफील्ड पब्लिक स्कूल जनता रोड और उड़ान स्कूल में सारंगी वादन के कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कोलकाता से आए सरवर हुसैन ने सारंगी पर ऐसी धुनें छेड़ी की विद्यार्थी झूमने को मजबूर हो गए। उन्होंने विद्यार्थियों को सारंगी के बारे में भी बताया।
गॉडफील्ड स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि सारंगी कितना पुराना वाद्य है यह कहना मुश्किल है। पौराणिक गाथाओ में रावणहत्ता का वर्णन किया गया है जिसे रावण द्वारा बनाया गया था। बाद में इसका स्वरूप नोडल और इसे सारंगी कहा गया। यानी सौ रंगों का आभास कराने वाला वाद्य बाद में यह सारंगी के रूप में प्रचलित हुआ। यह पूर्ण रूप से भरतीय शास्त्रीय वाद्य है। इसकी आवाज मनुष्य की आवाज के सबसे करीब है। प्रधानाचार्य इंदु ने कहा कि हमारी युवा पीढ़ी को भारतीय शास्त्रीय संगीत एवं वाद्य की पहचान होनी चाहिए। दूसरी प्रस्तुति क्रेजी ग्रीन सोसाइटी द्वारा कचरा बीनने वाले बच्चों के लिए चलाए जा रहे उड़ान स्कूल में हुई। यहां राग चारुकेशी को तीन ताल में प्रस्तुत किया गया। स्कूलों में गाई जाने वाली प्रार्थना ए मालिक तेरे बंदे हम को सारंगी पर बजाया गया। इस दौरान सारंगी और आसिफ खान के तबले के बीच जुगलबंदी भी हुई, जिसका विद्यार्थियों ने आनंद लिया।