बेहट (सहारनपुर)। खारा जल विद्युत परियोजना की नहर की सुक्की लोई साइफन से सिल्ट की सफाई के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। पोकलेन मशीन से साइफन को साफ कर सिल्ट को किनारे पर डाला जा रहा है, इस कारण बारिश में फिर से सिल्ट साइफन में पहुंचने से परियोजना पर खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से हस्तक्षेप कर साइफन को साफ कर सिल्ट किनारे डालने की जांच कराने की मांग की।
वर्ष 1992 में 72 मेगावाट विद्युत उत्पादन वाली खारा जल विद्युत परियोजना बनकर तैयार हुई। यूपी, हरियाणा एवं हिमाचल प्रदेश की सीमा पर स्थित इस परियोजना की देखरेख उत्तराखंड बनने के बाद यूपी के सिंचाई विभाग द्वारा की जा रही है। हर साल बरसात से पहले परियोजना से जुड़ी नहरों आदि की सफाई के लिए करोड़ों रुपये का बजट जारी होता है और हर बार सिंचाई विभाग के अधिकारियों की तरफ से सिल्ट सफाई कार्य का टेंडर एक स्थानीय फर्म को दिया जाता है।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया उक्त परियोजना की खारा नहर के पश्चिम छोर पर पड़ने वाले सुक्की लोई साइफन, जिसकी लंबाई लगभग 100 मीटर है, इससे पहाड़ियों से आने वाले बरसाती पानी को यमुना में उतारा गया है। इस साइफन पर सिल्ट सफाई का कार्य चल रहा है। सिल्ट और रेत पूर्व की तरह ही इस बार भी पोकलेन मशीन से साफ कर किनारे पर ही उसका ढेर लगाया जा रहा है, इससे बरसात में पानी में बहकर यह सिल्ट फिर साइफन पर ही जमा हो जाएगी और फिर से साइफन सिल्ट से अट जाएगी, जबकि इस सिल्ट को साफ करने के बाद दूसरे स्थान पर डालना होता है। ठीक इसके विपरीत इसी नहर के पूरब साइड पर साइफन की गहराई चार मीटर है। यहां सिल्ट जमा होने से सुरंग की गहराई मात्र दो से 2.5 फुट ही रह गई है। इससे भारी बरसात होने पर इसमें पानी का बहाव बंद होने की संभावना बन गई है। यदि बरसात के पानी की निकासी बंद हो गई, तो शिवालिक पहाड़ियों में जहां से यह नहर शुरू हुई है, वहां पर इसका मिट्टी का कटाव शुरू हो जाएगा और खारा परियोजना की नहर के टूटने की संभावना बन जाएगी। इससे परियोजना में विद्युत उत्पादन ठप हो जाएगा। स्थानीय ग्रामीण इस्लाम चौधरी, फुरकान, सईद, इरफान, सलमान, जुल्फान, शमीम आदि ने उच्चाधिकारियों से परियोजना पर चल रहे सफाई कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की।
परियोजना नहर की साइफन की सफाई कर सिल्ट को उठाकर वहीं पर डाला जाना गलत है। इससे तो फिर से समस्या खड़ी हो जाएगी। निश्चित तौर पर इसकी जांच कराई जाएगी। यह गंभीर मामला है। - अवधेश कुमार, अधीक्षण अभियंता सिंचाई विभाग।
बेहट में खारा जल विद्युत परियोजना की नहर पर पूरब दिशा में सिल्ट से अटी पड़ी साइफन- फोटो : SAHARANPUR