स्मार्ट सिटी की दौड़ में शामिल सहारनपुर के नागरिक स्मार्ट वाहन चालक बनने को कतई तैयार नहीं हैं। दुपहिया वाहन चालकों की बात करें तो उन्हें न तो अपनी जिंदगी की परवाह है और न ही कानून का डर।
प्रतिदिन दुपहिया वाहन चालक यातायात पुलिस के सामने ही धड़ल्ले से ट्रिपल राइडिंग कर रहे हैं। हालात यह है कि चौराहों पर तैनात यातायात पुलिस केवल मूकदर्शक बनकर रह गई है। यही नहीं, यातायात पुलिस को हेलमेट को अनिवार्य रूप से लागू कराने में भी पसीने छूट रहे हैं।
नगर में दुपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट लगाना अनिवार्य है, मगर सहारनपुर में यह अनिवार्यता मजाक बनकर रह गई है।
हालांकि यातायात पुलिस समय-समय पर अभियान चलाकर हेलमेट को अनिवार्य रूप से लागू कराने का प्रयास करती रही है, मगर हेलमेट लागू न हो पाना कहीं न कहीं प्रयास में कमी को दर्शाता है। आलम यह है कि लोग बिना हेलमेट के फर्राटे से बाइक दौड़ा रहे हैं, जो कई बार हादसों की वजह भी बन रहा है।
पिछले दो महीने में सड़क हादसों में दो दर्जन से अधिक बाइक सवारों की जान जा चुकी हैै। हैरत की बात यह है कि मरने वालों में से किसी ने भी हेलमेट नहीं पहना था। ऐसी घटनाओं से भी लोग सबक नहीं ले रहे हैं। इतना ही नहीं, ट्रिपल राइडिंग भी धड़ल्ले से हो रही है।
तीन ही नहीं, चार और पांच तक लोग एक-एक बाइक पर सफर कर रहे हैं, जिन्हें रोक पाने में यातायात पुलिस पूरी तरह से नाकाम साबित हो रही है। तीन से बढ़कर अब पांच लोग तक बाइक पर सवारी कर रहे हैं।
चौराहों पर खड़ी यातायात पुलिस केवल मूकदर्शक बनकर रह गई है। ऐसे वाहन चालकों का चालान काटना तो दूर की बात उन्हें रोकना तक मुनासिब नहीं समझा जा रहा है। यही वजह है कि मनमाने तरीके से वाहन चलाने वालों के हौसले बुलंद हैं।
पुलिस प्रतिदिन अभियान चलाकर बिना हेलमेट के वाहन चलाने वालों और ट्रिपल राइडर्स के चालान काट रही है। यह नागरिकों की भी जिम्मेदारी बनती है कि वह यातायात के नियमों का पालन करें। यदि लोग खुद ही यातायात का पालन नहीं करते हैं तो पुलिस सख्ताई से इसे लागू कराएगी।
- आरपीएस यादव, एसएसपी।