मतगणना में एक टेबल पर एक-एक सुपरवाइजर, एक सहायक, एक माइक्रो ऑबजर्वर और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की तैनाती रहेंगी। सातों विधानसभा सीटों की मतगणना के लिए 392 कर्मचारियों की ड्यूटी लगेगी। इसके दस प्रतिशत कर्मचारी रिजर्व में रहेंगे। इसलिए 432 कर्मचारियों को इसके लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
मतगणना के लिए किस कर्मचारी की ड्यूटी किस विधानसभा सीट और किस टेबल पर लगेगी, इसे पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा। उन्हें मौके पर इसके लिए बताया जाएगा। सहायक निर्वाचन अधिकारी आलोक शर्मा ने बताया कि मतगणना में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी। सबसे पहले सर्विस पोस्टल बैलेट की गिनती की जाएगी। 21 फरवरी तक जनपद में 620 सर्विस पोस्टल बैलेट आ चुके थे। दस मार्च की सुबह आठ बजे तक आने वाले पोस्टल बैलेट पेपर की गिनती की जाएगी।
कंट्रोल रूम से होगी निगरानी
सहायक निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतगणना की पूरी प्रक्रिया को सीसीटीवी में कैद किया जाएगा। इसके निगरानी के लिए सेंट्रल वेयर हाउस परिसर में ही एक कंट्रोल रूम बनेगा। जहां से सीसीटीवी के माध्यम से मतगणना की निगरानी की जाएगी।