गांव में एक समुदाय के लोग एकत्र हुए, जो शांतिपूर्ण से महामंडलेश्वर के बयान का विरोध कर रहे थे। इसके पश्चात उन्होंने देहात कोतवाली इंस्पेक्टर ज्ञापन दिया था। इसके बाद मामला शांत हो गया।
कुछ देर बाद ही भारी संख्या में भीड़, जिनमें युवाओं की संख्या अधिक थी, जो गांव से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित पुलिस चौकी तरफ आ रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया और लाठियां फटकार दी।
इस पर गुस्साए लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ। भीड़ के आगे पुलिस बेबस नजर आई। कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। तब, तक आरोपी कई रास्तों से फरार हो चुके थे।
एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक ने भी जायजा लिया था। इस मामले में कई नामजद और अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस रातभर गांव और आरोपियों की गिरफ्तारी को कई ठिकानों पर दबिश देती रही।
गांव में पुलिस फोर्स है तैनात
गांव शांतिपूर्ण तनाव फैला है। अहतियात के तौर पर पुलिस-फोर्स भी तैनात है। लोगों में दहशत का माहौल है। इसलिए गांव की अधिकांश दुकानें नहीं खुलीं।
जिलाधिकारी मनीष बंसल और एसएसपी रोहित साजवाण ने फोर्स साथ गांव का जायजा लिया। इसके साथ ही ग्रामीणों से वार्ता कर शांति बनाए रखने की अपील की। वहीं, पुलिए उपद्रव करने वालों को वीडियो फुटेज के आधार चिन्हित करने में जुटी है।
मामला पूरी तरह शांत है। लोगों से वार्ता की गई है। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस फोर्स तैनात है। किसी ने कानून का उल्लंघन किया तो कार्रवाई की जाएगी। -रोहित सजवाण, एसएसपी