आरोपियों ने कमरे की खिड़की से चार राउंड फायरिंग की। एक गोली निगम की पीठ पर लगी थी, जबकि कमल सिंह की छाती में गोली लगने से मौत हो गई थी। कलम सिंह की पत्नी शेलो देवी ने निगम और उसके बेटे आर्यन के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद से आर्यन फरार हो गया।
पुलिस ने क्षेत्र में तुरमतखेड़ी के मोड़ से आर्यन, उसके साथी अंशुल, अरूण निवासी गांव फतेहपुरचंद थाना तीतरो को गिरफ्तार किया, जबकि इनका साथी अर्पित फरार है। आरोपियों के पास से दो तमंचे, चार कारतूस, तीन मोबाइल फोन, एक बाइक बरामद हुई। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि निगम को मारने आए थे, लेकिन कलम सिंह को भी गोली लग गई, जिससे उसकी मौत हो गई।
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आर्यन ने दी थी सुपारी, हत्या में सजा काट चुका निगम
आर्यन का अपने पिता निगम से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। इसी के चलते उसने पिता की हत्या कराने को पांच लाख रुपये में अंशुल व अरूण को सुपारी दी थी। इनसे मुलाकात अर्पित ने कराई थी। 50 हजार आरोपियों के खाते जमा कराए थे। बाकी रुपये वारदात के बाद देना तय हुए थे। हिस्ट्रशीटर निगम पत्नी की हत्या में 14 वर्ष की सजा काट चुका है।
कॉल डिटेल व खाते में रुपये डालने से खुला राज
पुलिस ने आर्यन की कॉल डिटेल खंगाली तो अहम साक्ष्य मिले। इसके साथ ही खाता की जांच की, जिसमें शूटरों के खाते रुपये ट्रांसफर होने की जानकारी मिली। इसी आधार आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। आर्यन के अलावा दोनों आरोपियों अपराधिक इतिहास है।