यह था मामला
बाघाखेड़ी निवासी होमगार्ड श्रीराम उर्फ मिंटू हसनपुर चुंगी के पास मकान का निर्माण करा रहा था। रविवार रात वह अपनी पत्नी किरण के साथ निर्माणाधीन मकान में रुका था। सुबह के समय किरण का शव नानौता क्षेत्र में नहर में मिला था, जबकि होमगार्ड लापता था। इस मामले में मायके पक्ष ने होमगार्ड पर पत्नी की हत्या का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था। रविवार को ही एक व्यक्ति का शव सरसावा के बहलोलपुर क्षेत्र में बिटौड़े में जला मिला था। अब खुलासा हुआ है कि वह शव होमगार्ड का ही था।
यह बनी हत्याकांड की वजह
एसएसपी के अनुसार, आरोपी बहार आलम और होमगार्ड श्रीराम की करीब 15 साल से जान-पहचान थी। होमगार्ड के इकलौते बेटे ने पिछले साल आत्महत्या कर ली थी। वर्ष 2019 में किसी केस में बहार आलम छह माह के लिए जेल चला गया था। इसी दौरान होमगार्ड बहार आलम की पत्नी के संपर्क में आ गया।
आरोपी ने पुलिस को बताया कि करीब तीन माह पहले वह और होमगार्ड साथ में बैठकर शराब पी रहे थे। इसी बीच नशे में होमगार्ड ने कहा कि अपनी पत्नी मुझे दे दें। बेटे की मौत के बाद होमगार्ड दूसरी शादी करना भी चाहता था, जिस पर आरोपी बहार आलम को शक हुआ। तब जाकर उसे दोनों के संबंधों का पता चला और आरोपी ने होमगार्ड से बदला लेने की योजना बनाई।
इस तरह दिया हत्याकांड को अंजाम
रविवार की शाम को बहार आलम ने होमगार्ड को फोन कर पार्टी देने के लिए कहा। तब होमगार्ड ने बहार आलम को अपने निर्माणाधीन मकान के पास एक दोस्त की दुकान पर बुला लिया। वहां पर बहार आलम, श्रीराम उर्फ मिंटू और उनके एक अन्य दोस्त ने भी शराब पी। इसी बीच यहां पर श्रीराम की पत्नी आ गई, जिसने शराब पीने का विरोध किया। इसके बाद होमगार्ड पत्नी को लेकर घर चला गया। इनके पीछे बहार आलम भी उनके घर पहुंच गया। तभी बहार आलम ने पहले ईंटों से श्रीराम उर्फ मिंटू की हत्या कर दी। किरण ने इसका विरोध किया और पुलिस से शिकायत करने को कहा तो उसके सिर में भी ईंटों से प्रहार कर मौत के घाट उतार दिया।
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