सहारनपुर में देहात कोतवाली के गांव ज्ञानागढ़ निवासी अंकेश की हत्या उसके ही दोस्त पंकज ने की थी। अंकेश उससे उधार दिए अपने 15 हजार रुपये मांग रहा था। इसी कारण उसने बेल्ट से गला घोंट कर उसकी हत्या की थी। बाद में पहचान मिटाने के लिए चेहरे को थिनर डालकर जला दिया था। पुलिस ने हत्यारोपी दोस्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने हत्याकांड के खुलासे की जानकारी पत्रकारों को दी। उन्होंने बताया कि देहात कोतवाली क्षेत्र के गांव ज्ञानागढ़ निवासी अंकेश पुत्र परदेशी गत 31 मार्च की शाम को अपने दोस्त पंकज पुत्र तेजपाल निवासी कृष्णा सिटी कॉलोनी बेहट रोड के साथ घर से निकला था। इसके बाद वह लापता हो गया था। दो अप्रैल को अंकेश का जला हुआ शव गांव मंशापुर के जंगल में पड़ा मिला था। उसके पिता ने पंकज पर शक जताया। पुलिस ने आरोपी पंकज को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पंकज ने बताया कि ज्ञानागढ़ में उसकी बुआ है। पंकज भी अपने परिवार के साथ ज्ञानागढ़ में किराए के मकान में रहता था। यहीं पर अंकेश से उसकी दोस्ती हुई थी। अंकेश से उसने 15 हजार रुपये उधार लिए थे। अब वह लगातार अपने रुपये मांग करा था। इसी कारण उसने अंकेश की हत्या कर दी। वह 31 मार्च की शाम को उसे लेकर मंशापुर के जंगल में आ गया। यहां पर पहले उसे शराब पिलाई, इसके बाद अंकेश की बेल्ट से ही गला घोंटकर हत्या कर दी।
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कमीज के बटन से हुई पहचान
एसएसपी ने बताया कि कमीज के बटन से शव की पहचान हुई। पंकज ने जिस समय अंकेश की हत्या की तो उसने उसकी कमीज (शर्ट) उतार ली। कमीज उतारते समय एक बटन टूटकर मौके पर ही गिर गया। पुलिस को घटनास्थल से शर्ट का बटन, थिनर की बोतल मिली थी। पुराने फोटो में अंकेश वह उसी शर्ट में था, जिसका बटन मौके से मिला था। इसी आधार पर उसकी पहचान हुई। पंकज के पास से उसकी कमीज, मोबाइल, पैन कार्ड आदि सामान भी मिला है।
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