पीएम मोदी ने शबाना की बेटी को गोद में लेकर दुलारा।
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प्रयागराज में महिला सशक्तिकरण के तहत हुए बीसी सखियों का सम्मेलन सहारनपुर की बीसी सखी शबाना परवीन के लिए जीवन भर के लिए यादगार बन गया। सम्मेलन में मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जहां शबाना परवीन के काम की तारीफ करते हुए कहा शबाना तुमने कमाल कर दिखाया, तुम श्रेष्ठ हो। वहीं पीएम ने शबाना की नौ माह की बेटी सिरदा परवीन को गोद में लेकर दुलार किया और आशीर्वाद दिया। पीएम मोदी के इस दुलार से परिवार गदगद है। शबाना और उनके पति सिकंदर का कहना है कि यह पल ताउम्र याद रहेगा।
मंगलवार को प्रयागराज में हुए बीसी सखियों के सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीसी सखियों से संवाद किया। सम्मेलन में प्रदेश की हर जिले में प्रथम स्थान हासिल करने वाली बीसी सखी शामिल हुईं। सहारनपुर जिले में प्रथम रही सिरसलीकलां गांव की बीसी सखी शबाना परवीन भी इसमें शामिल हुईं। सम्मेलन में आते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शबाना की नौ माह की बेटी सिरदा परवीन को गोद में लेकर दुलार कर आशीर्वाद दिया।
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गांव में कैसे काम करती हो
पीएम मोदी ने शबाना ने पूछा कि गांव में तुम कैसे काम करती हो। जिस पर शबाना ने बताया कि उनके गांव से रामपुर कस्बा आठ किलोमीटर दूर है। वह गांव में अपनी दुकान पर ही बैंकिंग कर लोगों को रुपये प्रदान करती हैं। शबाना ने बताया कि जो दिव्यांग और बीमार हैं उन्हें वो घर पर जाकर रुपये देती हैं। पीएम मोदी ने उनसे पूछा कि इस काम से सम्मान मिला या नहीं। जिस पर शबाना ने कहा कि इस काम से जहां उनकी आर्थिक स्थिति ठीक हुई है वहीं गांव में सभी ग्रामीण उन्हें सम्मान देते हैं। जिस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि अपने काम के बल पर तुम श्रेष्ठ हो, तभी तो प्रथम आई हो।
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बीसी सखी बन कर किया 53.95 लाख का ट्रांजेक्शन
रामपुर मनिहारान ब्लॉक के गांव सिरसली कलां निवासी शबाना परवीन ने नवंबर 2020 में बीसी सखी बन कर अभी बैंकिंग कर 53.95 लाख का ट्रांजेक्शन कर 7624 का कमीशन प्राप्त किया है। शबाना की शादी 2019 में सिकंदर के साथ हुई थी। पति गांव में ही छोटी सी दुकान करते हैं। शबाना टीचर बनना चाहती थी। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने से बीसी सखी बनी। प्रशिक्षण के दौरान ही उसने बेटी को जन्म दिया था।