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देवबंद: जेलों में महामृत्युंजय और गायत्री मंत्र सुनाने पर उलमा को एतराज, पढ़िए क्या बोले मौलाना

Sat, 09 Apr 2022 08:29 PM IST
कपिल kapil संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर

सार

देवबंद से मौलाना मुफ्ती अरशद ने कहा कि कारागार और होमगार्ड मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने जेल में बंदियों के लिए जो नई व्यवस्था शुरू कराई है, यह हिंदुस्तान के सेक्युलरिज्म के खिलाफ है।
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मौलाना मुफ्ती अरशद फारुकी - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश की जेलों में बंदियों का व्यवहार और मनोदशा बदलने के लिए महामृत्युंजय और गायत्री मंत्र का पाठ सुनाने के सरकारी फरमान पर उलमा ने एतराज जताया है। उलमा का कहना है कि यह सेक्युलरिज्म के खिलाफ है। क्योंकि जेलों में एक ही धर्म के बंदी नहीं हैं। 

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फतवा ऑनलाइन के चेयरमैन मौलाना मुफ्ती अरशद फारुकी का कहना है कि कारागार और होमगार्ड मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने जेल में बंदियों में बदलाव के लिए जो नई व्यवस्था शुरू कराई है, यह हिंदुस्तान के सेक्युलरिज्म के खिलाफ है। क्योंकि हमारा संविधान सभी को अपने मजहब के मुताबिक जिंदगी जीने का अधिकार देता है। ऐसे में अगर किसी जेल में सरकार की तरफ से ऐसे मंत्र जो किसी खास मजहब का खास हिस्सा हो उसको सुनाया जाए या पढ़ाया जाए तो यह उन अधिकारों के खिलाफ है। 

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उन्होंने कहा कि जेलों में एक ही धर्म के बंदी नहीं होते। ऐसे में इस तरह की व्यवस्था कराया जाना उचित नहीं है। बता दें कि कारागार और होमगार्ड मंत्री धर्मवीर प्रजापति के आदेश पर बंदियों की मनोदशा बदलने के लिए सुबह की दिनचर्या शुरू होने से पहले और शाम को सोने से पहल पब्लिक एड्रेस सिस्टम से गायत्री व महामृत्युंजय पाठ सुनाया जाएगा। यह व्यवस्था शुक्रवार से आगरा जेल में लागू की गई है। 

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