Saharanpur News: सहारनपुर में कलक्ट्रेट स्थित 100 साल से ज्यादा पुरानी मस्जिद को कोर्ट का आदेश आने पर ध्वस्त करा दिया गया। इसे लेकर विपक्ष में जहां आक्रोश है, वहीं नेताओं के सहारनपुर आकर विरोध जताने की घोषणा से पुलिस-प्रशासन चौकन्ना है।
कलक्ट्रेट परिसर में मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद उसके नीचे मिले कुएं की जांच के लिए सोमवार को एएसआई (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) की टीम लखनऊ से सहारनपुर पहुंची। एएसआई के सहायक पुरातत्व अधिकारी डॉ. मनोज कुमार यादव ने बताया कि कुआं करीब 250 साल पुराना हो सकता है, अभी जांच जारी है। उधर, सपा और कांग्रेस नेताओं को हाउस अरेस्ट किया गया। 22 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल में शामिल कुछ सदस्यों ने सर्किट हाउस पहुंचकर प्रेसवार्ता की और एडीएम प्रशासन संतोष बहादुर को ज्ञापन सौंपा।
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दो दिन पहले सपा के 22 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के मंडलायुक्त से मिलने की घोषणा के बाद पुलिस-प्रशासन अलर्ट रहा। ज्यादातर सपाइयों को पुलिस ने उनके गृह जनपद में ही हाउस अरेस्ट कर लिया। मुजफ्फरनगर से सांसद हरेंद्र मलिक और जिलाध्यक्ष जिया चौधरी कार्यकर्ताओं के साथ दोपहर के समय मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचे। मंडलायुक्त के नहीं मिलने पर अपर आयुक्त को ज्ञापन दिया गया।
इस दौरान सर्किट हाउस में विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव, सांसद इकरा हसन समेत अन्य नेता पहले से पहुंचे हुए थे। वहां पर भी पुलिस की घेराबंदी रही। पूर्व मंत्री शायान मसूद को सर्किट हाउस पहुंचते ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस दौरान प्रेसवार्ता करते हुए सपाइयों ने इसे सरकार और प्रशासन की तानाशाही बताया।
उन्होंने मस्जिद स्थल पर सफाई, खुदाई या किसी भी तरह के परिवर्तन पर रोक लगाने, भूखंड पर तीसरे पक्ष के अधिकार अथवा निर्माण को रोकने, विभागीय जांच कराने और न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की मांग की। वहीं, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष को सहारनपुर पहुंचने से पहले ही लखनऊ में हाउस अरेस्ट कर लिया गया। स्थानीय नेता भी हाउस अरेस्ट रहे।
उधर, लखनऊ से आई टीम ने कुएं की ईंटों की बनावट, निर्माण शैली और अन्य पुरातात्विक पहलुओं को बारीकी से परखा गया। प्राथमिक जांच के बाद अधिकारी ने बताया कि कुआं लखौरी ईंटों से बना हुआ प्रतीत हो रहा है। प्रारंभिक तौर पर इसकी उम्र करीब 250 साल हो सकती है। हालांकि अभी जांच जारी है। वहीं, विश्वकर्मा चौक पर एक विवादित पोस्टर लगा मिला, जिसकी जांच शुरू कर दी गई है। पोस्टर में मुजफ्फरनगर दंगे का जिक्र किया गया था।
ये बोले एसएसपी
जिले में पूरी तरह शांति का माहौल है। किसी असामाजिक तत्वों ने इस तरह के पोस्टर लगाए गए हैं। इस प्रकरण में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। - अभिनंदन सिंह, एसएसपी