घटना की जानकारी मिलते ही मेडिकल कॉलेज प्राचार्य, सरसावा थाना प्रभारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारी लगातार कमल सिंह को समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं था।
इस दौरान टंकी के नीचे खड़ी एक महिला, जिसे कमल सिंह अपने भाई की पत्नी बता रहा था, और उसके साथ मौजूद दो छोटे बच्चे रो-रोकर उससे नीचे उतरने की गुहार लगाते रहे। भावनात्मक माहौल के बावजूद कमल सिंह करीब डेढ़ घंटे तक टंकी पर बैठा रहा।
करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत और मनाने के बाद आखिरकार कमल सिंह को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। घटना से मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मचा रहा।
स्थानीय प्रशासन अब वेतन न मिलने की शिकायत की जांच कर रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि समय पर वेतन नहीं मिला तो ऐसी घटनाएं और भी हो सकती हैं।