सहारनपुर। गेहूं खरीद ने सहारनपुर मंडी को मालामाल कर दिया है। इस बार मंडी में गत वर्ष की अपेक्षा 1,20,257 क्विंटल गेहूं अधिक खरीदा गया। इसके चलते पिछले वर्ष की तुलना में मंडी शुल्क में भी 24,82,716 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। ये आंकडे़ एक अप्रैल से 31 मई तक हुई गेहूं खरीद के हैं।
बढ़िया भाव के चलते अधिकांश किसानों ने इस बार सरकारी क्रय केंद्रों की बजाए मंडी में गेहूं बेचने को प्राथमिकता दी है। गेहूं खरीद के आंकडे़ इसकी गवाही दे रहे हैं। शासन ने इस सीजन में जनपद में 1,16,000 मीट्रिक टन सरकारी गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा है, जबकि तमाम प्रयासों के बावजूद जनपद में गेहूं की सरकारी खरीद का आंकड़ा लक्ष्य की तुलना में छह फीसदी तक भी बमुश्किल पहुंच पाया है, जबकि मंडी में इस बार एक अप्रैल से लेकर 31 मई तक 1,49,489 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई। वहीं वर्ष 2021 में इसी समयावधि में सहारनपुर मंडी में मात्र 29232 क्विंटल ही गेेहूं की आवक हुई थी। गत वर्ष सहारनपुर मंडी को एक अप्रैल से 31 मई तक के गेहूं सीजन में 5,77,781 रुपये का मंडी शुल्क प्राप्त हुआ था, जबकि इस बार मंडी शुल्क बढ़कर 30,60,497 रुपये तक पहुंच गया।
एक फीसदी है मंडी शुल्क
मंडी में आने वाली खाद्यान्न जिंसों पर 26 नवंबर 2020 से पहले दो प्रतिशत मंडी शुल्क लिया जाता था। इसके बाद सरकार ने मंडी शुल्क को घटाकर एक प्रतिशत कर दिया है। मंडी शुल्क गेहूं के मूल्य पर लगाया जाता है। इस बार एक अप्रैल से 31 मई तक के गेहूं के सीजन में 30,60,497 रुपये का मंडी शुल्क प्राप्त हुआ है। जो गत वर्ष में इसी समयावधि के हिसाब से 24,82,716 रुपये अधिक है।
बढ़िया भाव से हुई गेहूं की बंपर खरीद
इस बार मंडी में गेहूं का भाव न्यूूनतम समर्थन मूल्य से अधिक रहा है। इस बार सरकार द्वारा घोषित गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2015 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि मंडी में गेहूं की बिक्री 2150 रुपये प्रति क्विंटल तक रहा है। आवक बढ़ने के चलते मंडी को इस बार मंडी शुल्क भी काफी अधिक प्राप्त हुआ है। - अशोक गुप्ता, मंडी सचिव।