सहारनपुर। बागपत की तरह ही सहारनपुर जिला भी जहरीले जाम का दंश झेल चुका है। पिछले साल ही रुड़की (उत्तराखंड) से लाए गए केमिकल से बनी अवैध शराब पीने से 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। इस साल अभी तक जहरीली शराब से मौत का मामला तो सामने नहीं आया है, लेकिन अवैध शराब बनाने से लेकर तस्करी और अपमिश्रित शराब का अवैध कारोबार कम नहीं हुआ है। कोरोना काल और लॉकडाउन के बीच भी ऐसे मामले सामने आते रहे हैं।
जिले में पिछले वर्ष फरवरी माह में जहरीली शराब का सबसे अधिक कहर सामने आया था। गागलहेड़ी क्षेत्र के गांव कोलकी कला में तो 18 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। इसके अलावा उमाही कोटा, माली, शरबतपुर, बेहड़ी गुर्जर, सहित अन्य गांवों में भी जहरीले जाम ने परिवारों को तबाह कर दिया था। इस प्रकरण में विवेचना और कार्रवाई भी लगातार सवालों के घेरे में रही है। उधर, आबकारी विभाग के आंकड़ों में ही कोरोना और लॉकडाउन के बावजूद इस साल अब तक अवैध शराब के 400 से अधिक केस दर्ज किए गए। इनमें बड़ी मात्रा में बरामदी वाले मामले भी 39 रहे, जबकि 300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके बावजूद ग्रामीण क्षेेत्रों और कस्बों में हरियाणा से तस्करी कर लाने के अलावा अपमिश्रित शराब बेचने का सिलसिला जारी है।
इस साल जिले में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई की स्थिति
- कुल दर्ज मामले - 449
- बड़ी मात्रा में बरामदगी वाले मामले - 39
- अवैध शराब में जब्त वाहनों की संख्या - 09
- कच्ची शराब की बरामदगी - 2515 लीटर
- तस्करी कर लाई गई शराब - 10,193 लीटर
- मिश्रित श्रेणी की शराब - 4,280 लीटर
- कुल पकड़े गए आरोपी - 300 से अधिक
(नोट : यह आंकड़े इस साल अप्रैल से अगस्त माह तक के हैं।)
कच्ची और मिश्रित शराब का नहीं रुका कारोबार
- पुलिस प्रशासन के दावों के बावजूद जिले में कच्ची और मिश्रित शराब के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। आबकारी विभाग के मुताबिक इस साल अब तक 53 भट्ठियों को तोड़ा गया। इनमें नकुड़ में 27, देवबंद में 37, बेहट में 28 और रामपुर मनिहारान क्षेत्र में 16 भट्ठियों को तोड़ा गया, लेकिन जिले में सक्रिय अवैध शराब के धंधे को देखते हुए यह कार्रवाई बेहद सीमित है।
फर्जी लेबल, फर्जी बार कोड और नई पैकिंग
- कोरोना काल में लॉकडाउन के बावजूद अवैध रूप से शराब तैयार कर नई पैकिंग में बेचने का धंधा भी हाल ही में पकड़ा गया है। थाना कुतुबशेर क्षेत्र के गांव उनाली में मानकमऊ पुलिस चौकी के पास ही काफी मात्रा में शराब पकड़ी गई थी। पकड़े गए आरोपियों के पास 14,476 फर्जी बार कोड, 10 हजार खाली पव्वे और 10 हजार खाली ढक्कन पकड़े गए थे। इससे पहले थाना सदर क्षेत्र के विनोद विहार से भी इसी तरह शराब मिक्स कर नई पैकिंग में बेचने वाले गिरोह के दो सदस्य पकड़े गए थे। इनके कब्जे से भी काफी संख्या में फर्जी बार कोड सहित अन्य सामान जब्त किया गया था। इस शराब को देशी और विदेशी ब्रांड के नाम से बेचा जाता रहा है।
कार्रवाई के बाद भी नहीं हुआ खास सुधार
- जिले में गागलहेड़ी, नागल, नकुड़, गंगोह, देवबंद, बेहट, मानकमऊ सहित अन्य क्षेत्रों में अवैध और मिलावटी शराब के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। पुलिस चौकी के पास ही अवैध शराब बेचने के मामले के बाद ही चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया था। पिछले साल गागलहेड़ी क्षेत्र के गांवों में जहरीली शराब प्रकरण के बाद काली नदी चौकी इंचार्ज सहित तीन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई थी। लेकिन इन कार्रवाई का भी कोई असर नहीं हो रहा है।
जारी है अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई : जगमाल
- सहायक आबकारी आयुक्त जगमाल कहते हैं कि कोरोना संक्रमण काल में पिछले साल के मुकाबले कार्रवाई के अवसर कम मिले हैं। इस साल जिले में अब तक जहरीली शराब से मौत का कोई मामला सामने नहीं आया है। फिर भी इससे जुड़ी हर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। थानों की पुलिस का भी सहयोग लिया जा रहा है।