सहारनपुर। जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद के विकास का खाका जनता के सामने रखा। उन्होंने कहा कि विकास और कनेक्टिविटी कैसी होनी चाहिए। यह सहारनपुर ने प्रदेश को बताया है। एयरपोर्ट से लेकर शिक्षा के क्षेत्र में कई योजनाएं न सिर्फ पूरी हुई हैं, बल्कि इनका लाभ भी आमजन को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि विकास ही आमजन और युवाओं के जीवन में परिवर्तन में लाता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनपद में हो रहे विकास कार्य 2017 से पहले सपना था। सहारनपुर को टापू बना दिया था। अब जिला प्रदेश की मुख्यधारा में शामिल है। पहले रुपये खा लिए जाते थे। इन्हीं से जिले में स्मार्ट रोड, फोरलेन, टू लेन, विवि आदि के निर्माण कार्य हो रहे हैं। पिछले दिनों सिद्धपीठ मां शाकंभरी देवी मंदिर में अचानक आई बाढ़ से हानि हुई, जो बेहद दुखद है, लेकिन आने वाले समय में चाहे गर्मी हो, बरसात या फिर हो सर्दी। एलिवेटेड रोड से श्रद्धालुओं की राह आसान होगी। कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। आज मंदिर परिसर में फैसिलिटेशन सेंटर बन रहा है।
उन्होंने विश्व प्रसिद्ध वुडकार्विंग उद्योग का जिक्र करते हुए कहा कि यहां की कारीगरी जिले को वैश्विक पटल पर पहचान दिला रही है। सरकार ने इसके लिए करीब 9.99 करोड़ रुपये से काष्ठकला केंद्र बनाने का निर्णय लिया है। इससे कारीगरों और उद्यमियों को नई-नई तकनीक के लिए बाहर का मुंह नहीं देखना पड़ेगा। नौजवानों की शिक्षा के लिए विश्वविद्यालय बनकर तैयार है। पहले की सरकारों में प्रोजेक्ट्स शुरू तो होते थे, लेकिन पूरे नहीं। डबल इंजन की सरकार ने न सिर्फ पुराने प्रोजेक्ट्स को पूरा किया, बल्कि उनका शिलान्यास भी किया। बेहट में निर्मित स्पोर्ट्स कॉलेज इसका उदाहरण है। इसके निर्माण से कक्षा छह से 11वीं तक के खिलाड़ियों को विश्वस्तर का प्रशिक्षण मिल सकेगा।
सपा को सैफई की चिंता थी, अब हर गांव का हो रहा विकास
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले केवल सैफई की चिंता होती थी। भाजपा सरकार प्रदेश के एक लाख से अधिक राजस्व ग्राम, 57 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतों की चिंता करती है। प्रदेश के 725 विकासखंडों, 762 नगर निकायों के साथ 75 जिलों का एक समान विकास कराया जा रहा है।
जनपद के विकास योजनाओं पर प्रदर्शित हुई लघु फिल्म
जनसभा में मुख्यमंत्री के भाषण से पूर्व जनपद में जारी विकास योजनाओं और उनकी प्रगति पर लघु फिल्म प्रदर्शित की गई। लघु फिल्म में जिले में दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर, 1089 करोड़ रुपये से 706 जल परियोजनाएं, महानगर में 105.82 करोड़ रुपये की सीवरेज, नानौता में निर्मित खाद्य प्रयोगशाला, 7.74 करोड़ रुपये से पार्कों का सुंदरीकरण, 97.97 करोड़ रुपये से निर्मित मां शाकंभरी विवि, स्पोर्ट्स कॉलेज, मां शाकंभरी मंदिर में यात्रा मार्ग, स्मार्ट रोड, सीसीटीवी, इलेक्ट्रिक चार्जिंग बस स्टेशन, काष्ठकला के लिए केंद्र, 220 केवी विद्युत उपकेंद्र आदि की प्रगति को प्रदर्शित किया गया।