तहसील परिसर में धरने पर बैठे किसानों को एसडीएम ने कार्यालय में हुक्का पीने पर कार्रवाई की चेतावनी देते हुए हुक्का उठवा दिया। इससे धरनारत किसान नाराज हो गए और अपनी दरी आदि समेटकर चले गए। बाद में उक्त किसान अपने अन्य साथियों के साथ तहसील पहुंचे और तालाब से कब्जा हटवाने की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की।
एसडीएम की चेतावनी के बाद धरने से उठकर जाते किसान।
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सोमवार को भाकियू वेलफेयर फाउंडेशन की महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष रीतू सैनी के नेतृत्व में संगठन से जुड़े लोग तहसील कार्यालय पहुंचे। वह गंगोह के गांव नागल राजपूत में तालाब से अवैध कब्जा हटवाने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। इस दौरान एसडीएम संगीता राघव धरनारत किसानों के बीच पहुंचीं। वह किसानों के बीच में हुक्का रखा देख नाराज हो गईं। एसडीएम ने धरनारत किसानों को कार्यालय में हुक्का पीने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए हुक्का हटवा दिया। इससे किसान नाराज हो गए और अपनी दरी समेटकर चले गए। कुछ देर बाद ही उक्त किसान अपने अन्य साथियों के साथ तहसील कार्यालय पहुंचे और तहसील प्रशासन पर किसानों की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की।
किसानों का कहना था कि तहसील प्रशासन ने उक्त तालाब से अन्य सभी अतिक्रमणकारियों का कब्जा तो हटवा दिया, लेकिन चार लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। इसके बाद किसान मुख्यमंत्री को संबोधित मांगपत्र देने के लिए एसडीएम को बुलाने की मांग करने लगे। पहले नायब तहसीलदार प्रवीण कुमार व बाद में तहसीलदार जसमेंद्र सिंह किसानों के बीच मांगपत्र लेने पहुंचे, लेकिन किसानों ने एसडीएम को ही मांगपत्र सौंपने की जिद करते हुए दोनों अधिकारियों को लौटा दिया। इसके बाद किसानों ने कोतवाल को ज्ञापन सौंपा।
इस संबंध में एसडीएम संगीता राघव का कहना है कि सरकारी कार्यालय या पब्लिक प्लेस में धूम्रपान वर्जित है। बताया कि उन्होंने कोर्ट में व्यस्त होने के चलते तहसीलदार व नायब तहसीलदार को ज्ञापन लेने भेजा था, लेकिन किसानों ने ज्ञापन नहीं दिया।