नारकोटिक्स ब्यूरो की टीम ने देवबंद और उत्तराखंड में जिन आरोपियों को पकड़ा था, वह आठवीं-दसवीं पास हैं। वो ही नशीले ट्रामाडोल कैप्सूल की फैक्टरी चला रहे थे।
केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो दिल्ली की टीम ने देवबंद और उत्तराखंड में जिन आरोपियों को पकड़ा था, वह आठवीं-दसवीं पास हैं। वो ही नशीले ट्रामाडोल कैप्सूल की फैक्टरी चला रहे थे। फैक्टरियों में कच्चे माल की सप्लाई उत्तराखंड व हिमाचल से की जा रही थी। नशे के काले कारोबार का मुख्य सरगना मोहम्मद आसिफ है, जिसने डी-फार्मा किया है। टीम ने सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर दिया है।
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केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो दिल्ली की टीम ने एक दिन पहले देवबंद के मंझौल जबरदस्तपुर और उत्तराखंड के भगवानपुर व रायपुर में नकली दवाएं बनाने वाली तीन फैक्टरियों पर छापा मारा था। तीनों जगह से तीन करोड़ रुपये की दवा और आठ करोड़ की मशीनें जब्त की गई थीं। इसमें पांच लोगों को गिरफ्तार किया था, जो सहारनपुर के अलावा भगवानपुर के रहने वाले हैं। अब तक की जांच में सामने आया कि फैक्टरी में काम करने वाले व्यक्ति ज्यादा पढ़े लिखे नहीं हैं। कोई आठवीं पास है तो किसी ने दसवीं कर रखी है। केवल मोहम्मद आसिफ ने डी-फार्मा कर रखा है, जिसे हर दवा की जानकारी है। आसिफ ही इस गिरोह का मुख्य सरगना है। इसकी निगरानी में ही कच्चे माल से ट्रामाडोल कैप्सूल तैयार किए जाते थे। जांच में यह भी सामने आया कि उत्तराखंड के कुछ जिलों से कच्चे माल को लाया जाता था। बुधवार को नारकोटिक्स की टीम पांचों आरोपियों को लेकर सहारनपुर की कोर्ट में लेकर पहुंची। टीम ने कोर्ट में सभी के बयान कराए। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रही।
कई जिलों में खपा रहे थे नशीली दवा
पकड़ी गई फैक्टरियों से नारकोटिक्स की सप्लाई उत्तराखंड के अलावा सहारनपुर में हो रही थी, लेकिन ड्रग विभाग और पुलिस दवा लाने वालों को नहीं पकड़ सकी। बड़ी संख्या में नशीली दवाओं को खपाया जा रहा था। कुछ मेडिकल स्टोरों पर भी नारकोटिक्स आ रही थी। उन्हें भी जांच में शामिल किया जाएगा।
नशीली दवाओं के कारोबार को रोकने में ड्रग विभाग नाकाम
जिले में नशीली दवाओं के कारोबार को रोकने में ड्रग विभाग नाकाम साबित हो रहा है। जिले की सीमा हरियाणा, हिमाचल और उत्तराखंड से लगती है। इनकी सीमाओं से सटे गांव और कस्बों में नारकोटिक्स की बिक्री पर नहीं रुक रही है। इसे लेकर कई दवा व फार्मासिस्ट संगठन विभाग को शिकायत कर चुका है। इसके बावजूद विभाग नशीली दवाओं को नहीं पकड़ पाया है।
इन्हें किया कोर्ट में पेश
- मुस्तफा अली पुत्र भूरा अली निवासी मंझौल जबरदस्तपुर देवबंद
- सलमान पुत्र मोहम्मद इनाम निवासी माधोपुर रुड़की जिला हरिद्वार
- मोहम्मद आसिफ पुत्र मोहम्मद असलम निवासी गागलहेड़ी
- अहसान अली पुत्र नसीम अहमद निवासी बल्ली सहारनपुर
- हसीन अली पुत्र यूसुफ अली निवासी भगवानपुर